बिलासपुर। रिटायर्ड प्राध्यापक को डिजिटल अरेस्ट कर टेरर फंडिंग का आरोप लगाते हुए डराया धमकाया गया और 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए की आनलाइन ठगी कर ली गई। पुलिस अपराध कायम कर जांच में जुट गई है। रेंज साइबर थाना से मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई निवासी प्रशांत श्रीवास्तव पिता बृजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव 60 साल ने रिपोर्ट लिखाई। वे एचआर कंसलटेंसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डायरेक्टर हैं। उनकी मां रमन श्रीवास्तव वर्ष 2022 से रियल हैवेन शांति नगर मंगला चौक में रह रही हैं। वे बीच बीच में अपनी मां का हालचाल लेने आते रहते हैं। उनकी मां वर्ष 2005 में डीपी विप्र कालेज से प्राध्यापक बीच में अपनी मां का हालचाल लेने आते रहते हैं। उनकी मां वर्ष 2005 में डीपी विप्र कालेज से प्राध्यापक के पद से सेवा निवृत्त हुई हैं।
27 अप्रैल को उनकी मां ने उन्हें फोन कर बताया कि, 20 अप्रैल 2026 को उनके मोबाइल दोहपर 1.30 बजे अज्ञात व्यक्ति ने वाट्सएप मोबाइल नम्बर से मैसेज किया, जिसमें संजय पीएसआई लिखा था। उसके बाद तुरंत वीडियो काल कर कहा कि आप टेरेरिस्ट ग्रुप में शामिल हो और उन्हें पैसा भेजने में मदद कर रही हो, जिसके लिए जेल जाना होगा। उसके बाद 3.10 बजे फिर उन्हें वीडियो काल कर परिवार के विषय में एवं बैंक खातों, पैसा के बारे में जानकारी लेकर 2 घण्टा 16 मिनट तक धमकाया, उसने कहा कि अरेस्ट से बचना है तो उनके बताए बैंक खातों में सारे पैसा जमा करना होगा। अगर अपने बेटे या किसी और से बात करने की कोशिश की तो उन्हें भी इस केस में फंसा दिया जाएगा। आपके बेटे और पोतों का भी फोन टेप हो रहा है। उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
नोटिस भेजकर अरेस्ट करने की धमकी
21 अप्रैल को पीड़ित की मां को ईडी का नोटिस भेजा गया, जिसमें कहा गया था कि उनकी फोटो के साथ कि पीएमएलए में उन्हें दोषी पाया गया है, फिर से अरेस्ट करने की धमकी देकर कहा कि आरबीआई का नोटिस भेजकर सारे फंड आरबीआई के जांच के लिए ट्रांसफर करना होगा और सारी प्रापर्टी ज्वेलरी जमा करनी होगी। ईडी और रिजर्व बैंक के आदेशानुसार अगर पैसा ट्रांसफर नहीं किया तो पुलिस आकर अरेस्ट करके नासिक जेल में बंद करेगी।
4 बैंक खातों में जमा किया पैसा
धमकी से डर कर श्रीमती श्रीवास्तव ने आरटीजीएस के माध्यम से बताए गए बैंक खाते में 20 लाख 20 हजार रुपए जमा कर दिया। इसी तरह उन्हें डराकर अलग अलग किश्तों में 4 बैंक खातों में 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए जमा करा लिया गया है।
बैन आर्गेनाइजेशन में फंडिंग का दिखाया भय
ठग ने अभी सिर्फ आपके नाम पर वारंट है, कहकर एक कम्पलेंट का क्राइम ब्रांच के डिजिटल सिग्नेचर का नोटिस भेजा। एक पीएफआई आर्गेनाइजेशन के संबंध में एक फोटो भेजकर कहा कि आप इसे ही फंड कर रही हो, उसने कैनरा बैंक के एकाउंट का एक डेबिट कार्ड और बैंक स्टेटमेंट की कापी भेजा, जिसमें उनकी मां रमन श्रीवास्तव लिखा था। अपने नाम की डेबिट कार्ड को देखकर उनकी मां डर गई।





