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राजीम के गरीब परिवार की प्रेमिन सोनकर ने संसाधनों की कमी के बावजूद कक्षा 12वीं बोर्ड में प्रदेश में 10वां स्थान हासिल कर पूरे शहर का नाम रोशन किया।

राजीम। छत्तीसगढ़ के राजीम की एक मेधावी छात्रा प्रेमिन सोनकर ने यह साबित कर दिया है कि सफलता के रास्ते में आर्थिक तंगी कभी बाधा नहीं बनती। सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करते हुए इस छात्रा ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेश की टॉप-10 सूची में दसवां स्थान हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे राजीम शहर को गौरवान्वित किया है।

आर्थिक अभाव में भी कम नहीं हुआ हौसला
बताया जाता है कि छात्रा एक बेहद गरीब परिवार से आती है, जहाँ रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी संघर्ष से भरा होता है। ऐसे माहौल में भी उसने पढ़ाई को प्राथमिकता दी और कभी हालात को अपनी सफलता के रास्ते में आने नहीं दिया। अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी रहे।

स्कूल में खुशी की लहर
प्रेमिन सोनकर की सफलता से शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला राजीम का पूरा स्टाफ बेहद उत्साहित है। शिक्षकों ने इसे छात्रा की लगातार की गई मेहनत का परिणाम बताया। प्राचार्य ने कहा कि उसकी यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगी और विद्यालय के लिए गौरव का विषय है।

समाज से सहयोग का संदेश
जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और शिक्षा प्रेमियों ने भी छात्रा को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रतिभावान बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए समाज को आगे आना चाहिए। यह सफलता बताती है कि सही मार्गदर्शन और मजबूत इरादों के दम पर हर मंज़िल हासिल की जा सकती है।

माता-पिता और शिक्षकों को दिया श्रेय

अपनी सफलता का श्रेय प्रेमिन ने अपने माता-पिता, शिक्षकों और निरंतर मेहनत को दिया। उसने कहा कि वह आगे उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज और देश की सेवा करना चाहती है। उसके सपनों की यह शुरुआत पूरे शहर के लिए गर्व का क्षण है।

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