रायपुर। सक्ती के वेदांता प्लांट में बायलर विस्फोट में गंभीर रूप से घायल दो मजदूरों का उपचार रायपुर स्थित कालड़ा अस्पताल में चल रहा है। उपचार के लिए रायपुर लाए जा रहे चार घायलों में दो ने रास्ते में दम तोड़ दिया। जिन घायलों का उपचार चल रहा है, उनमें उत्तरप्रदेश का रहने वाला किस्मत अली तथा झारखंड निवासी रूपिंदर साहू शामिल हैं। घायलों की हालत चिंताजनक है।
घायलों के परिजनों ने बताया कि, उन लोगों को उपचार कर रहे चिकित्सकों ने 24 घंटे के बाद कुछ बता पाने की बात कही है। यहां श्रमिक साथियों से हरिभूमि ने बात की तो पता चला कि घटना लंच समय की थी। लंच होने की वजह से ज्यादातर मजदूर खाना खाने चले गए थे।
हादसे की भयावहता की कल्पना करना भी मुश्किल
इस कारण घटना के समय एक चौथाई से कम मजदूर काम कर रहे थे। घटना अगर वर्किंग समय में होती, तो हादसे की भयावहता की कल्पना करना भी मुश्किल है। काम के समय बायलर फटता, तो मृतकों के साथ घायलों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है किस्मत अली के बड़े भाई जो पुणे में काम करते हैं, उन्होंने ने हरिभूमि से चर्चा करते हुए बताया कि भाई के घायल होने की जानकारी मिलने के तत्काल बाद वो रायपुर पहुंचे। स्टेशन से उतरने के बाद किस्मत अली का हाल जानने सीधा कालड़ा अस्पताल पहुंचे। बड़े भाई ने अपने छोटे भाई किस्मत से मिलने डॉक्टरों से गुहार लगाई। डॉक्टरों ने सुरक्षा कारणों से बड़े भाई को बर्न यूनिट के विंडो से देखने की अनुमति दी।
वेदांता में काम करने वाले एक मजदूर ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया, हादसा दोपहर दो से ढाई बजे के बीच का है। प्लांट के यूनिट वन के बायलर में जब धमाका हुआ, उस समय प्लांट के अंदर अफरा-तफरी की स्थिति मच गई। प्लांट में काम कर रहे मजदूर बुरी तरह से डर गए। प्लांट के अंदर अफरा-तफरी मच गई। जिस ओर धमका हुआ था, उस ओर सभी मजदूर अपने साथी मजदूरों की जान बचाने के लिए दौड़े। हादसे वाली जगह पर चीख-पुकार मची थी।
मृतक, घायल एनजीएसएल के कर्मी
वेदांता पावर प्लांट का सब-कॉन्ट्रैक्टर एनजीएसएल के पास है। जिस यूनिट वन में हादसा हुआ, उस यूनिट के रख रखाव का ठेका एनजीएसएल के पास था। उसी ठेका कंपनी के मजदूर हादसे में मरने के साथ घायल हुए हैं। जिन मजदूरों का कालड़ा नर्सिंग होम में उपचार चल रहा है, उपचार का खर्च संबंधित ठेका कंपनी द्वारा दिए जाने की जानकारी घायल मजदूरों के परिजनों ने दी है।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार घटना के समय यूनिट वन में 50 के करीब मजदूर काम कर रहे थे। बायलर में विस्फोट होने के बाद पाइप से गर्म पानी के साथ गर्म राखड़ पूरे परिसर में फैल गई। जो आठ मजदूर बायलर पाइप के पास कम कर रहे थे, उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चार ने अस्पताल ले जाते दम तोड़ा। दो अन्य की बुधवार को रायपुर लाते मौत हो गई। मौके पर उपस्थित शेष अन्य घायल हुए हैं।
संसाधन के हिसाब से राहत और बचाव
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार घटना के समय वो यूनिट टू में काम कर रहा था। हादसे की जानकारी मिलने पर वे अपनी बस के साथ बोलेरो कार घटना स्थल के पास ले गए और मजदूरों को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने लगे। गंभीर मरीजों को रायगढ़ स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया।
प्लांट हादसा में गंभीर रूप से घायल रूपिदर फरवरी में अपनी बड़ी बेटी की शादी करने झारखंड गया था। रूपिंदर का एक छोटा भाई भी वेदांता में काम करता है। उसने बताया कि बड़े भैया पिछले महीने ड्यूटी पर लौटे हैं। रूपिंदर की तीन बेटी तथा एक बेटा है। घटना के समय रुपिदर का माई दूसरी यूनिट में काम कर रहा था।
हादसा और बड़ा तथा भयावह होता, हीट होने पर फटा बायलर
प्रत्यक्षदर्शी मजदूर ने जैसा बताया है, उसके मुताबितक प्लांट में रख रखाव करना उनका काम है। मजदूर के अनुसार बायलर फटने की जो प्रारंभिक जानकारी मिल रही है, उसके मुताबिक बायलर काफी ज्याद हीट हो गया, इस वजह से फट गया और बायलर पाइप का गर्म पानी और राखड़ के छींटे पड़ने से मजदूरों की मौत हुई है और घायल हुए हैं।





