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दक्षिण दिशा में मुख्य दरवाजा है तो घबराएं नहीं, दोष दूर करने के लिए अपनाएं ये वास्तु नियम

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य दरवाजे, खिड़कियों और बालकनी की दिशा का विशेष महत्व होता है। सही दिशा में बने ये हिस्से घर में सुख-समृद्धि लाते हैं, जबकि गलत दिशा नकारात्मक प्रभाव भी दे सकती है। आइए जानते हैं दक्षिण दिशा में मुख्य दरवाजे को लेकर क्या कहते हैं वास्तु नियम।

वास्तु शास्त्र में घर की दिशा और संरचना को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। खासकर मुख्य दरवाजा, खिड़कियां और बालकनी की दिशा घर के सुख-समृद्धि पर असर डालती है। कई लोग दक्षिण दिशा में मुख्य दरवाजा होने को अशुभ मानते हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में इसका नकारात्मक प्रभाव खत्म भी हो सकता है। हालांकि, दक्षिण दिशा में मुख्य दरवाजा होने के बावजूद अगर कुछ वास्तु नियमों का पालन किया जाए, तो उसके दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है। वहीं, खिड़कियों और बालकनी की सही दिशा घर के लिए शुभ परिणाम देती है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए दक्षिण दिशा में मुख्य दरवाजे के वास्तु दोष कैसे दूर किए जा सकते हैं।

दक्षिण दिशा में मुख्य दरवाजे का प्रभाव

वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि फ्लैट का मुख्य दरवाजा दक्षिण दिशा में खुलता है, तो सामान्यतः इसे शुभ नहीं माना जाता। लेकिन अगर यह दरवाजा किसी गैलरी में खुलता हो और उसके सामने खुला स्थान न होकर दीवार हो, जो दरवाजे को सीधे ब्लॉक कर रही हो, तो इसके नकारात्मक प्रभाव काफी हद तक कम हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में घर के मालिक को दक्षिण दिशा के बुरे फल नहीं मिलते।

खिड़कियों का सही दिशा में होना जरूरी

वास्तु के अनुसार फ्लैट में केवल मुख्य दरवाजे ही नहीं, बल्कि खिड़कियों का भी खास महत्व होता है। जिन घरों में अधिकतर खिड़कियां पूर्व, उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा में होती हैं, वे घर बहुत शुभ माने जाते हैं। भले ही मुख्य दरवाजा इन दिशाओं में न हो, लेकिन खिड़कियों की सही दिशा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखती है।

बालकनी की दिशा का असर

बालकनी की दिशा भी घर के वास्तु में अहम भूमिका निभाती है। उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा में बनी बालकनी सबसे शुभ मानी जाती है। दक्षिण-पूर्व और दक्षिण दिशा में भी बालकनी हो सकती है, लेकिन इसके साथ संतुलन जरूरी है। यानी विपरीत दिशा में भी समान या बड़ी बालकनी होनी चाहिए।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण-पूर्व दिशा में किसी भी तरह की खिड़की, बालकनी या ओपनिंग नहीं होनी चाहिए। सही दिशा में बनी संरचनाएं घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखती हैं और जीवन में सुख-शांति लाती हैं।

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