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पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा में गुटबाजी का लगाया आरोप, सांसद बृजमोहन अग्रवाल बोले- कांग्रेस पहले खुद को देखे

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन गुजरात में गुणवत्ता मानकों पर विफल घोषित दवाओं के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने राज्य में दवाओं की खरीद और गुणवत्ता जांच को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

डॉ. चरणदास महंत ने सवाल उठाया कि जिन दवाओं को गुजरात में ब्लैकलिस्ट किया गया, उन्हें छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित क्यों नहीं किया गया। वहीं विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि राज्य के मरीजों को बिना गुणवत्ता परीक्षण की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने पूछा कि क्या दवाओं का प्री-टेस्ट कराया जाता है या नहीं।

इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) के निर्धारित नियम पहले से लागू हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवाओं का प्री-टेस्ट नहीं कराया जाता, लेकिन आपूर्ति के बाद उनकी जांच राज्य की प्रयोगशालाओं में कराई जाती है।

यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड पर उठे सवाल

अटल श्रीवास्तव ने सदन में पूछा कि क्या यह सही है कि दवा निर्माता कंपनी यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड की एस्पिरिन टैबलेट्स आईपी गुणवत्ता मानकों पर विफल होने के कारण गुजरात मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (GMSCL) द्वारा ब्लैकलिस्ट की गई थी। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या इसकी सूचना छत्तीसगढ़ शासन या CGMSC को मिली थी और इसके बावजूद कंपनी को दवाओं की आपूर्ति का आदेश दिया गया।

उन्होंने कंपनी से हुई खरीद, भुगतान, बैच परीक्षण और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर की गई कार्रवाई का भी विवरण मांगा।

मंत्री बोले- गुजरात में प्रतिबंधित दवा और छत्तीसगढ़ की खरीदी गई दवा अलग

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जवाब में बताया कि गुजरात मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन ने एस्पिरिन गैस्ट्रो-रेजिस्टेंट टैबलेट्स आईपी 75 मिलीग्राम और 150 मिलीग्राम को गुणवत्ता मानकों पर विफल होने के कारण ब्लैकलिस्ट किया था। इस संबंध में 25 मार्च 2026 को यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड ने CGMSC को सूचना दी थी।

मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जिस दवा का खरीद आदेश जारी किया गया था, वह एस्पिरिन टैबलेट्स आईपी 75 मिलीग्राम (अनकोटेड टैबलेट) थी, जो गुजरात में प्रतिबंधित गैस्ट्रो-रेजिस्टेंट टैबलेट से अलग उत्पाद है। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि उसी अमानक दवा की खरीद की गई।

हालांकि, उन्होंने बताया कि एहतियात और जनहित को देखते हुए कंपनी से सूचना मिलने के बाद CGMSC ने यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड को जारी किए गए एस्पिरिन टैबलेट्स आईपी 75 मिलीग्राम (अनकोटेड) के सभी खरीद आदेश और दर अनुबंध भी निरस्त कर दिए।

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