रायपुर की एनडीपीएस कोर्ट ने प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप की तस्करी के मामले में तीन आरोपितों को 20-20 साल की सजा और 2-2 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया है।
प्रतिबंधित कोडीन सिरप की तस्करी और अवैध खरीद-बिक्री के मामले में रायपुर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने तीन आरोपितों को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत की अदालत ने युवराज सिंह चौहान (24), वाजिद खान (29) और निहाल सिंह (30) को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक पर दो-दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर उन्हें दो-दो साल का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
40 शीशियों में बरामद हुई सिरप
- विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू के अनुसार, मामला 15-16 अक्टूबर 2025 की रात का है। आमानाका पुलिस को सूचना मिली थी कि टाटीबंध स्थित एम्स अस्पताल के गेट नंबर चार के पास ई-रिक्शा में सवार दो युवक प्रतिबंधित कफ सिरप बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं।
पूछताछ के बाद हुई तीसरी गिरफ्तारी
- पूछताछ में दोनों ने सिरप दुर्ग जिले के बीएमवाय चरौदा निवासी निहाल सिंह से खरीदकर लाना बताया। इसके बाद पुलिस ने निहाल को भी गिरफ्तार किया।
- मामले में पुलिस ने आरोपितों के कॉल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर), सीएएफ और जब्त नमूनों की एफएसएल जांच रिपोर्ट सहित तकनीकी साक्ष्य न्यायालय में पेश किए। साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों को दोषी ठहराया। मामले का चौथा आरोपित अब भी फरार है।





