1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि पर 12 नवंबर को प्रारूप और 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम और मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण की जानकारी दी गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पुनरीक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया।
युक्तियुक्तकरण के तहत क्या-क्या बदलेंगे ? 6 विधानसभाओं का ब्योरा
बैठक में मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिस पर सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी सहमति व्यक्त की। बैठक में बताया गया कि जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण के तहत 8 मतदान केंद्रों का स्थल परिवर्तन, एक का भवन परिवर्तन और 18 मतदान केंद्रों के नाम परिवर्तन का प्रस्ताव है।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम 2027 की समय-सारिणी
मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण एवं पुनर्गठन की प्रक्रिया 2 नवंबर तक पूरी की जाएगी। एकीकृत मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन 12 नवंबर को होगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावा-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर तक किया जाएगा तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को होगा। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, आवश्यक संशोधन एवं मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों सहित उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवकुमार बनर्जी, निर्वाचन पर्यवेक्षक अंकित तिवारी, सहायक निर्वाचन पर्यवेक्षक ब्रजेश पांडेय एवं राहुल श्रीवास उपस्थित थे।





