बीरगांव निगम चुनाव की मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी मिली है। निर्वाचन पोर्टल बंद होने से लोग परेशान हैं।
कांग्रेस ने इसे साजिश बताकर दावा-आपत्ति की तारीख 5 नवंबर तक बढ़ाने की मांग की है। नगर पालिक निगम बीरगांव के दिसंबर में प्रस्तावित आम चुनाव के लिए जारी प्रारंभिक मतदाता सूची में भारी गड़बड़ियां सामने आई हैं। सूची में महिलाओं के स्थान पर पुरुषों और पुरुषों के नाम दर्ज होने की त्रुटियां मिलने के बाद निर्वाचन विभाग की वेबसाइट बंद कर दी है। इस कारण बीरगांव के 40 वार्डों के 80 हजार से अधिक मतदाताओं को आफलाइन लिस्ट चेक करने में असुविधा हो रही है। लोग अपने नाम, वार्ड और अन्य विवरणों की जांच करने के लिए भटक रहे हैं।परिसीमन के चलते कई लोगों के नाम दूसरे वार्डों में चले गए हैं, विधानसभा सूची में नाम होने के बावजूद निगम वार्ड की सूची से गायब हैं और कई दोहरी प्रविष्टियां भी सामने आ रही हैं। यदि निर्वाचन विभाग की आनलाइन साइट चालू होती तो बीरगांव के मतदाता घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से मिनटों में अपनी और अपने परिवार की जानकारी चेक कर लेते। लेकिन पोर्टल बंद होने से परेशानी बढ़ गई है।
क्या यह वोट चोरी की कोई साजिश है ?
- मतदाता सूची में गड़बड़ियां आने के बाद एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार ने बैठक ली। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण ने इस पर ऐतराज जताते सवाल उठाए। पदाधिकारियों ने कहा कि यह कहीं ‘वोट चोरी’ की सुनियोजित साजिश तो नहीं है।
- जिलाध्यक्ष, कांग्रेस ग्रामीण राजेंद्र पप्पू बंजारे ने सवाल उठाया कि मतदाताओं के वास्तविक निवास वाले वार्ड के बजाय अन्य वार्डों में नाम दर्ज होना और नाम काटे जाने की शिकायतें मतदाताओं के मताधिकार को प्रभावित करने का प्रयास लगती हैं। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस नेता विशाल शर्मा ने कहा कि नागरिकों को बार-बार फार्म-6 भरने के लिए मजबूर करने के बजाय प्रशासन को खुद रिकार्ड की जांच कर त्रुटियां सुधारनी चाहिए।





