बरेला-तखतपुर मार्ग पर मनियारी नदी पर बने अंग्रेजों के जमाने के पुराने और जर्जर पुल की जगह अब नए उच्चस्तरीय पुल का निर्माण कराया जाएगा।
बरेला-तखतपुर मार्ग पर मनियारी नदी पर बने अंग्रेजों के जमाने के पुराने और जर्जर पुल की जगह अब नए उच्चस्तरीय पुल का निर्माण कराया जाएगा। क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। क्षेत्रीय विधायक धर्मजीत सिंह की पहल पर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने पुल निर्माण के लिए सात करोड़ 67 लाख 11 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन स्वीकृति नहीं मिल पाई थी
पुल के ऊपर पानी बहने से आवागमन जोखिम भरा हो जाता था। क्षेत्र के लोग लंबे समय से यहां नए उच्चस्तरीय पुल के निर्माण की मांग कर रहे थे। इस संबंध में कई बार ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। आवागमन और क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति नए पुल के निर्माण से तखतपुर, बरेला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। इससे विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को लाभ मिलेगा। साथ ही आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी सुविधा होगी। मनियारी नदी पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब क्षेत्रवासियों को निर्माण कार्य शुरू होने और लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान का इंतजार है।
15 वर्षों से पुल निर्माण की मांग कर रही थी जनता
पुल निर्माण की मांग बरेला-तखतपुर मनियारी नदी पुल के निर्माण की मांग क्षेत्र की जनता पिछले 15 वर्षों से करती आ रही थी। इसके बावजूद लंबे समय तक परियोजना को स्वीकृति नहीं मिल पाई। बरसात के दिनों में पुल के डूबने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती थी। नए उच्चस्तरीय पुल के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को वर्षा के दौरान आवागमन बाधित होने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।





