भोपाल। मध्यप्रदेश में शराब दुकानों के संचालन के लिए सरकारी निगम गठन पर विचार किया जा रहा है।मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में यह सुझाव आया है। नीलामी के 12वें चरण में आरक्षित मूल्य से 30% तक कम ऑफर ई-टेंडर के माध्यम से प्राप्त हुए है। 454 दुकानें अभी भी नीलामी से शेष हैं। इन दुकानों के लिए मिले ऑफर आरक्षित मूल्य से 30% से नीचे है। आरक्षित मूल्य कम होने के कारण होल्ड पर रखे गए हैं।
ठेकेदारों की संख्या 489 से बढ़कर 860
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सुझाव दिया कि- 30% से नीचे ऑफर वाली दुकानों के संचालन के लिए निगम गठन पर विचार किया जाए। इस प्रस्ताव की जांच के निर्देश दिए गए हैं। अब तक 3099 शराब दुकानों की नीलामी में 16,637.85 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। प्रदेश में शराब दुकानों के आवंटन को लेकर मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक हुई। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में यह भी बताया गया कि ठेकेदारों की संख्या 489 से बढ़कर 860 हो गई है।
नीलामी केवल ई-टेंडर के माध्यम से
समिति ने निर्णय लिया है कि आरक्षित मूल्य से 30% से नीचे के ऑफर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। साथ ही 13वें चरण में ऑफसेट प्राइस की सीमा भी अधिकतम 30% तक ही रखी जाएगी। नीलामी के 13वें चरण में शराब दुकानों की नीलामी केवल ई-टेंडर के माध्यम से होगी, किसी प्रकार का ऑक्शन नहीं होगा।
कांग्रेस- सरकार ही शराब बेचने की तैयारी में
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा- सरकार ही शराब बेचने की तैयारी में है। सरकार को शराब की दुकानें चलाने से बचना चाहिए. सरकार चलाएगी तो भ्रष्टाचार होगा। समय है अब धार्मिक जिलों में शराब बंद कर दें, हम कुछ जिले तो बंद करें। गुजरात, बिहार की तर्ज पर नशाबंदी करें।
बीजेपी- कांग्रेस हमें ज्ञान न दे
बीजेपी प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कहा- सरकार प्रदेश हित में निर्णय लेगी। हर घर शराब, घर-घर शराब, शराब की होम डिलीवरी करने का जतन करने वाली कांग्रेस हमें ज्ञान न दे कि क्या करना है। प्रदेश हित में होगा उस सम्बन्ध में निर्णय लिया जाएगा।





