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1 नवंबर को 22 घंटे रहेगा पुष्‍य नक्षत्र, भूमि भवन, सोना-चांदी, वाहन खरीदारी करेगी शुभ फल प्रदान

इस बार पुष्य नक्षत्र 1 नवंबर को सुबह 6.31 बजे से प्रारंभ होकर 2 नवंबर सुबह 4.30 बजे तक रहेगा।

दीपावली के सात दिन पहले एक नवंबर को खरीदी का महामुहूर्त पुष्य नक्षत्र 22 घंटे रहेगा। ज्योतिर्विदों के अनुसार दीपावली के पहले आने वाले पुष्य नक्षत्र का विशेष महत्व होता है लेकिन सौ वर्ष में यह पहला मौका है जब साथ में सात शुभ संयोग भी लेकर आया है। इसमें सर्वार्थसिद्धि, लक्ष्मीनारायण, श्रीवत्स, मालव्य एवं राजयोग एवं अहोई अष्टमी है। इस दिन रविवार होने से रवि-पुष्य का संयोग भी बन रहा है। यह दिन भूमि-भवन, सोना-चांदी, वाहन सहित सभी चल-अचल खरीदारी के लिए शुभ फल प्रदान करने वाला है।

हर संयोग का ज्योतिष शास्त्र में विशेष प्रभाव

सर्वार्थसिद्धि का पारंपरिक अर्थ ही है, कार्य सिद्धि हेतु अनुकूल समय है।इसमें नए कार्य का शुभारंभ, धार्मिक अनुष्ठान, महत्वपूर्ण संकल्प और शुभ खरीदारी के लिए यह श्रेष्ठ है।

लक्ष्मीनारायण योग का संयोग धन, बुद्धि, समृद्धि और आर्थिक विवेक से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन इस योग का होना धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

श्रीवत्स योग को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की शुभता से जोड़कर देखा जाता है। लक्ष्मी-नारायण की उपासना के लिए भी यह दिन श्रेष्ठ है।

ग्रह स्थिति के दृष्टिकोण से मालव्य योग भी महत्वपूर्ण है। शुक्र से बनने वाला यह पंच महापुरुष योग परंपरागत रूप से सुख-सुविधा, ऐश्वर्य, कला, सौंदर्य और भौतिक समृद्धि का कारक माना जाता है।

इसके अलावा ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण नीचभंग राजयोग और विपरीत राजयोग भी निर्मित हो रहे हैं। नीचभंग को हम इस दृष्टि से देखते हैं कि कमजोर परिस्थितियों में सुधार और बाधाओं से उबरने की संभावना का ज्योतिषीय संकेत है।

इन संयोगों के साथ इस दिन अहोई अष्टमी है। यह पर्व संतान के स्वास्थ्य, दीर्घायु और परिवार की मंगलकामना से जुड़ा है। इसलिए इस दिन का धार्मिक पक्ष और भी मजबूत हो जाता है।

चौघड़ियानुसार खरीदी के लिए मुहूर्त

– चर : सुबह 07:56 से 09:21 एवं रात 8.59 से 10.35 बजे तक।

– लाभ: सुबह 09.21 से 10.45 बजे तक।

– अमृत : सुबह 10:45 से दोपहर 12:10 एवं शाम 7.24 से 8.59 बजे तक।

– शुभ : दोपहर 1.35 से दोपहर 2.59 एवं शाम 5.49 से 7.24 बजे तक।

स्थिर लग्ननुसार खरीदारी

– वृश्चिक : सुबह 7.49 से सुबह 10.08 बजे तक।

– कुंभ : दोपहर 1.54 से दोपहर 3.22 बजे तक।

– वृषभ : शाम 6.22 से शाम 8.17 बजे तक।

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