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क्रेड़ा CEO ने की जल जीवन मिशन व सौर सुजला योजना की समीक्षा, राजेश राणा की अफसरों को दो टूक, काम में पारदर्शिता व गुणवत्ता का रखें ख्याल, काम शुरू नहीं करवा और लेटलतीफी वाली एजेंसियों पर गिरी गाज

रायपुर। क्रेडा CEO राजेश राणा ने आज विभाग की तरफ से प्रदेश भर में संचालित हो रही अलग-अलग परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान सीईओ राणा ने जल जीवन मिशन और सौर सुजला योजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए तय समय पर काम नहीं पूरा करने वाली एजेंसी को जहां नोटिस जारी की, वहीं उन वर्क आर्डर को निरस्त करने का निर्देश दिया, जिनका काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। राणा ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिया कि काम पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता पूर्वक करायें। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की निगरानी और सतत मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिये।

सीईओ राजेश राणा ने समीक्षा के दौरान पाया कि कई जिलों में टेंडर के बावजूद काम शुरू नहीं किये गये हैं, लिहाजा दंतेवाड़ा के 25, मुंगेली के 1 कामों की स्वीकृति को निरस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि योजना के तहत स्थापित पंपों की संभागवार जिओ टैग्ड फोटोग्राफ की सप्ताहिक रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाये, इसे लेकर संभागवार अधिकारियों को जिम्मा दिया गया है। बैठक में उन्होंने इस बात का निर्देश दिया कि योजना के लिए जितने भी काम संचालित हो रहे हैं, उनका अप्रारंभ, प्रगतिरत और पूर्ण कार्यों में वर्गीकृत करें, ताकि योजनाओं के संबंध में सपष्ट जानकारी मिल सके।

बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए सीईओ ने कहा कि सिविल सहित तमाम कार्यों की गुणवत्ता की मानिटरिंग जिला, क्षेत्रीय, जोनल और हेड क्वार्टर स्तर पर किया जायेगा। साथ ही भुगतान के पूर्व गुणवत्ता प्रमाण पत्र संबंधित एजेंसी को लेना जरूरी होगा। उन्होंने आचार संहिता के पूर्व शेष रह गये कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया।

स्वीकृति आदेश जारी होने के बाद भी जिन इकाईयों द्वारा सर्व कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया है, उनकी इकाईवार जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश प्राप्त हुए। साथ ही, इकाईयों को एल.ओ.आई. जारी होने के उपरांत क्षेत्रीय / जोनल कार्यालय से स्वीकृति आदेश जारी होना शेष रह गये हैं, की जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। उन्होंने काम कर रही उन एजेंसी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया, जिन्होंने लक्ष्य के विरुद्ध काम पूरा नहीं किया। वहीं जिन एजेंसी ने अब तक 60 प्रतिशत से कम स्थापना कार्य किया हैं, उन्हें दिनांक 29 फरवरी 2024 तक कार्य पूर्ण करने तथा उनकी प्रगति की जानकारी देने का निर्देश जारी किया गया है।

जल जीवन मिशन की भी विस्तृत समीक्षा

क्रेडा सीईओ राजेश राणा ने जल जीवन मिशन फेस-1 के लंबित 29 कार्यों को एक सप्ताह में पूर्ण नहीं करने पर कार्यादेश निरस्त करने का निर्देश दिया। वहीं जल जीवन मिशन फेस-2 की 13 इकाईयों के द्वारा सर्वे कार्य पूर्ण नहीं करने पर 188 कार्यों को करने वाली एजेंसियों को नोटिस जारी करने का निर्देश सीईओ ने दिया है। राजेश राणा ने अधिकारियों से कहा है कि संबंधित एजेंसियों के जवाब आने के बाद उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। जरूरत पड़ी तो उनके वर्क आर्डर भी निरस्त किये जायेंगे। उसी तरह से जल जीवन मिशन फेस-2 योजना के तहत 22 इकाईयों के द्वारा कार्यादेश जारी होने के बाद भी काम नहीं शुरू करने पर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

बायोगैस एवं संचालन-संधारण

बैठक में सीईओ ने प्रदेश में स्थापित सौर संयंत्रों की औसत कार्यशीलता 94.08 प्रतिशत् होने की जानकारी शाखा प्रभारी द्वारा प्रदान किये जाने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी महोदय ने सभी अकार्यशील संयंत्रों की शत-प्रतिशत् कार्यशीलता सुनिश्चित किये जाने हेतु निर्देशित किया। वहीं अकार्यशील बायोगैस संयंत्रों को एक सप्ताह की अवधि में कार्यशील कराये जाने हेतु संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों को पत्र जारी करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1850 नग परिवार मूलक बायोगैस संयंत्रों के निर्माण का लक्ष्य होने से अवगत कराते हुए प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई, जिस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी महोदय द्वारा घरेलू बायोगैस संयंत्रों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक बायोगैस संयंत्रों के निर्माण के भी अधिकारियों को निर्देश दिये। गोबरधन योजनांतर्गत स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण द्वारा डिपाजिट वर्क के रूप में 136 कार्य क्रेडा को आबंटित होने की जानकारी दी गई। आंवटित कार्य के विरुद्ध 107 स्थलों हेतु कार्यादेश जारी किये जाने तथा 48 स्थलों पर बायोगैस संयंत्रों का निर्माण कार्य पूर्ण किये जाने की जानकारी दी गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी महोदय द्वारा प्रगतिरत् कार्यों को तत्काल पूर्ण कराने तथा अप्रारम्भ कार्यों को तत्काल प्रारम्भ करने के निर्देश दिये गये। इसके अलावा इकाईयों की प्रगति संतोषजनक नहीं होने पर अन्य शंकाई को कार्यादेश जारी किये जाने की कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं।

ऑफग्रिड/ऑनग्रिड सौर संयंत्र

विभिन्न शासकीय भवनों में सौर संयंत्रों की स्थापना हेतु भेजे गये प्रस्तावों के विरुद्ध जिन विभागों से राशि प्राप्त होना लम्बित है, उसकी जानकारी प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। सोलर हाईमास्ट संयंत्रों की स्थापना हेतु कार्य आदेश के विरुद्ध जिन स्थलों पर कार्य प्रारम्भ नहीं किया गया है, ऐसे स्थलों की इकाईवार जानकारी प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। मार्केट मोड योजनान्तर्गत विगत 04 वर्षों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जानकारी एवं वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रचलित अनुदान नीति की जानकारी प्रदान की गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सौर संयंत्रों का अधिकाधिक लाभ प्रदेश की जनता को उपलब्ध कराने तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये गये। मुख्य कार्यपालन अधिकारी महोदय द्वारा ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अधिक से अधिक क्लब के गठन हेतु निर्देशित किये जाने पर शाखा प्रभारी द्वारा अवगत कराया गया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत कम राशि के आवंटन के कारण सीमित संख्या में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हो पा रहे हैं। विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन के लिये प्रस्ताव बनाने एवं आगामी दो-तीन माह की योजना प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। बलरामपुर जिले के तातापानी में जियो-थर्मल आधारित 30 मेगावॉट की क्षमता आंकलित की गई है। अत प्रथम चरण में 100 किलोवॉट क्षमता के संयंत्र की स्थापना हेतु प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति अप्राप्त होने से अवगत कराया गया।

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