देवोलिना भट्टाचार्जी ने रोंगाली बिहू के मौके पर अपने बचपन की यादें शेयर की है. उन्होंने बताया कि बिहू उनके लिए खास त्योहार है, जिसे वो दिल से सेलिब्रेट करती हैं.
असम का सबसे बड़ा त्योहार ‘रोंगाली बिहू’ इस समय पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. इस खास मौके पर टीवी एक्ट्रेस देवोलिना भट्टाचार्जी ने अपने अनुभव को शेयर किया हैं. उन्होंने बताया कि उनके लिए बिहू सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि उम्मीद और खुशी का समय होता है. असमिया में नए साल की शुरुआत के साथ आने वाला ये पर्व नई शुरुआत और तरक्की का प्रतीक है.
बचपन में खूब मस्ती करती थीं देवोलीना
देवोलिना ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में अपने बचपन की यादों को बताते हुए कहा कि बचपन में बिहू का त्योहार संगीत और परंपराओं से भरा होता था. पारंपरिक डांस, गाना और खाना इस त्योहार को और खास बना देते थे. उन्हें असम का पारंपरिक ड्रेस ‘मेखेला चादर’ पहनना बहुत पसंद था, जो रेशम के कपड़े से बना होता है और उस पर खूबसूरत डिजाइन होते हैं. वो अपने दोस्तों के साथ बिहू के कार्यक्रमों में हिस्सा लेती थीं और खूब मस्ती करती थीं. आज भी जब वो मुंबई में होती हैं, तब भी बिहू के गाने सुनते ही उनका दिल खुश हो जाता है और उन्हें अपने घर की याद आने लगती है.
उन्होंने आगे बताया कि मुंबई में रहने वाले असम के लोग भी मिलकर इस त्योहार को मनाते हैं, जिससे उन्हें अपनापन महसूस होता है. अब जब वो एक डेढ़ साल के बेटे जॉय की मां बन चुकी हैं, तो उनके लिए ये त्योहार और खास हो गया है. मां बनने से उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है. जब वो थोड़ा बड़ा हो जाएगा, तो उसे असम ले जाकर बिहू दिखाना चाहती हैं.
हर त्योहार को सेलिब्रेट करती हैं
बता दें कि देवोलिना हर त्योहार को पूरे दिल से मनाती हैं, चाहे वो बिहू हो, ईद, होली, दिवाली, नवरात्रि या क्रिसमस हो. आज भी अपने पति के साथ वो हर त्योहार को खुशी और उत्साह के साथ सेलिब्रेट करती हैं. इसके अलावा, पारंपरिक असमिया खाने जैसे पीठा, चिपचिपे चावल और जोल्पान बनाना उनकी खास आदत है. यही छोटी-छोटी चीजें उन्हें अपनी जड़ों से जोड़े रखती हैं और बिहू को उनके लिए और भी खास बना देती हैं.





