मिडिल ईस्ट में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी से एनर्जी सप्लाई पर गहरा असर पड़ा है. इससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उथल-पुथल सी मची हुई है.
फरवरी के महीने में ईरान में अमेरिका और इजरायल के जंग का ऐलान करने के बाद से घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडर महंगे हो गए हैं. इससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उथल-पुथल सी मची हुई है. पिछले दो महीनों में घरेलू LPG की कीमतों में एक बार बदलाव किया गया है, जबकि कमर्शियल कुकिंग गैस की दरों में दो बार बदलाव किया जा चुका है. लगभग पांच हफ्तों के संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान दो हफ्तों के सशर्त युद्धविराम पर सहमत हुए हैं.
इस बीच, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार LPG, पेट्रोल और डीजल की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है. राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत ने पिछले 40 दिनों में होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से किसी और देश के मुकाबले सबसे ज्यादा जहाजों को सुरक्षित निकालने का काम किया है. उन्होंने कहा, ”कुल आठ LPG जहाज, जिनमें लगभग 340 TM (हजार मीट्रिक टन) LPG थी—जो भारत की लगभग 11 दिनों की आयात जरूरत के बराबर है—ने सफलतापूर्वक जलडमरूमध्य को पार कर लिया है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति की स्थिरता मजबूत हुई है.”
आज एलपीजी सिलेंडर के रेट
| शहर | 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत | 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत |
| दिल्ली | 913.0 रुपये | 2078.5 रुपये |
| मुंबई | 912.5 रुपये | 2031.0 रुपये |
| कोलकाता | 939.0 रुपये | 2208.5 रुपये |
| चेन्नई | 928.5 रुपये | 2246.5 रुपये |
| बेंगलुरु | 915.5 रुपये | 2161.0 रुपये |
| फतेहाबाद | 942.0 रुपये | 2157.5 रुपये |
| इम्फॉल | 1064.5 रुपये | 2552.5 रुपये |
| जयपुर | 916.5 रुपये | 2106.0 रुपये |
| लखनऊ | 950.5 रुपये | 2201.0 रुपये |
अब तक कितनी बढ़ी LPG की कीमत?
सप्लाई में रुकावटों के बीच सरकार ने घरेलू और कमर्शियल- दोनों तरह के LPG सिलेंडरों की कीमतें बढ़ा दी हैं. खास बात यह है कि मार्च में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़ाई गई थी, लेकिन उसके बाद कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे पूरे देश में घरेलू LPG की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.
वहीं, 19 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमत मार्च में पहले 144 रुपये बढ़ाई गई थी, जिसके बाद 1 अप्रैल को इसमें करीब 200 रुपये की और बढ़ोतरी की गई. इससे रेस्टोरेंट, होटल और अन्य जगहों के लिए लागत बढ़ गई है.





