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परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग, जूनियर डॉक्टरों ने आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति को सौंपा ज्ञापन

रायपुर।  जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने आज दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीके पात्र को ज्ञापन सौंपा और विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली में तीन महत्वपूर्ण सुधार की मांग की.

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह ने कहा, तीन सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है. हमारी मांग है कि एमबीबीएस एवं एमडी, एमएस परीक्षाओं के दो प्रश्नपत्रों के मध्य न्यूनतम एक दिवस का अंतराल सुनिश्चित किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को समुचित पुनरावृत्ति व मानसिक विश्राम का अवसर मिल सके. सभी चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए एक पारदर्शी, पूर्व-निर्धारित और समयबद्ध अकादमिक कैलेंडर घोषित किया जाए, ताकि छात्र अपनी पढ़ाई, इंटर्नशिप, शोध और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की योजना व्यवस्थित ढंग से बना सके. वर्तमान में परीक्षा परिणामों में हो रहे 2-3 माह के अनावश्यक विलंब को समाप्त कर राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 7 से 15 दिनों के भीतर परिणाम घोषित किया जाए.

एसोसिएशन का कहना है कि ये सुधार न केवल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य व शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाएंगे, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक पारदर्शिता व कार्यकुशलता में भी वृद्धि दिखेगा. जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह ने बताया कि तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के एमबीबीएस एवं पीजी छात्रों से हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें 100 से अधिक पन्नों में छात्रों ने हस्ताक्षर कर समर्थन जताया है.

ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान कुलपति डॉ. पीके पात्र ने विद्यार्थियों की समस्याओं को गम्भीरता से सुना और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया. वे स्वयं चिकित्सा शिक्षा में वर्षों तक प्राध्यापक रहे हैं, इसलिए छात्रहित को लेकर उनकी संवेदनशीलता और समझ पर पूरा विश्वास है.

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