रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक अहम निर्णय में शिक्षिका गायत्री वर्मा के तबादला आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। गायत्री वर्मा, जो रायपुर के शासकीय हाई स्कूल, उरकुरा में बायोलॉजी लेक्चरर के पद पर कार्यरत थीं, उन्हें ‘सरप्लस’ (अतिरिक्त) घोषित करते हुए महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक के शासकीय हाई स्कूल कोंडा में ट्रांसफर कर दिया गया था।
गायत्री वर्मा ने अपने ट्रांसफर को उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए कहा कि सरप्लस शिक्षकों की जो सूची तैयार की गई है, वह तथ्यों पर आधारित नहीं है और उन्हें अपनी बात रखने का उचित अवसर भी नहीं दिया गया। उनके वकील ने अदालत में यह तर्क दिया कि शासन के नियमों के अनुसार सरप्लस घोषित करने की प्रक्रिया में सबसे जूनियर शिक्षक को प्राथमिकता से हटाया जाना चाहिए, जबकि गायत्री वर्मा अन्य शिक्षकों की तुलना में सीनियर हैं।
सरकार की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि यह तबादला रिकॉर्ड की पूरी जांच के बाद किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गायत्री वर्मा का विषय अन्य शिक्षकों से भिन्न है, और यदि उन्हें आपत्ति है तो वे युक्तियुक्तिकरण समिति के समक्ष अपनी बात प्रस्तुत कर सकती हैं।
जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्देश दिया कि गायत्री वर्मा 25 जून 2025 को युक्तियुक्तिकरण समिति के समक्ष उपस्थित हों और अपनी आपत्ति दर्ज कराएं। कोर्ट ने समिति को आदेश दिया कि वह 7 दिनों के भीतर नियमों के अनुसार निष्पक्ष निर्णय ले, विशेष रूप से 2 अगस्त 2024 को जारी युक्तियुक्तिकरण निर्देशों के नियम 7(c)(3) को ध्यान में रखते हुए।





