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कमेटी के फैसले तक ट्रांसफर पर हाईकोर्ट ने लगायी रोक, आदेश से याचिकाकर्ता को मिली राहत

बिलासपुर। कमेटी के फैसले आने तक तबादले पर रोक लगाने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पदस्थ पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डॉ. तनवीर अहमद के स्थानांतरण आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला न्यायालय ने याचिकाकर्ता की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और सेवा शर्तों के उल्लंघन के आधार पर किया गया है। अब डॉ. अहमद का स्थानांतरण शासन की वरिष्ठ सचिवों की समिति के अंतिम निर्णय तक प्रभावी नहीं होगा।

छत्तीसगढ़ शासन के 3 मार्च 2025 के आदेश के अनुसार, डॉ. तनवीर अहमद का स्थानांतरण बलरामपुर-रामानुजगंज से महेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (अनुसूचित क्षेत्र) किया गया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए डॉ. अहमद ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और नरेंद्र मेहेर के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर न्यायमूर्ति बी. डी. गुरु की एकल पीठ में सुनवाई हुई।

याचिकाकर्ता के तर्क:
डॉ. अहमद की ओर से यह प्रमुख तर्क दिया गया कि—

  • उनकी उम्र 63 वर्ष है और वे हृदय रोगी हैं, जिससे उनका दुर्गम क्षेत्र में तबादला करना अनुचित है।

  • सामान्य प्रशासन विभाग के 3 जून 2015 के सर्कुलर में यह स्पष्ट उल्लेख है कि 55 वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारियों को यथासंभव अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ नहीं किया जाए।

  • डॉ. अहमद पूर्व में भी लंबे समय तक अनुसूचित क्षेत्र में सेवा दे चुके हैं, ऐसे में उन्हें पुनः दुर्गम क्षेत्र में भेजना नीतियों के प्रतिकूल है।

  • वर्तमान पदस्थापना स्थल (बलरामपुर) में उन्हें अभी मात्र दो वर्ष ही हुए हैं।

  • याचिकाकर्ता की पत्नी सरगुजा जिले में शिक्षक (LB) के पद पर पदस्थ हैं, जिससे पारिवारिक स्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता।

न्यायालय का आदेश:

उपरोक्त तर्कों को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने डॉ. अहमद को पांच दिन के भीतर शासन द्वारा गठित वरिष्ठ सचिवों की समिति के समक्ष अपना अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने की अनुमति दी है। साथ ही समिति को निर्देशित किया है कि वह 15 दिनों के भीतर याचिका का निराकरण करे। तब तक डॉ. अहमद के स्थानांतरण आदेश पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया गया है।

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