महासमुंद DEO विजय लहरे को प्रश्नपत्र विवाद, लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किया गया, शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए नया प्रभार सौंपा।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए महासमुंद के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम परीक्षा प्रश्नपत्र विवाद, विभागीय लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोपों के चलते उठाया गया है।
प्रश्नपत्र विवाद बना कार्रवाई की बड़ी वजह
पूरा मामला 8 जनवरी 2026 को सामने आया था, जब चौथी कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा के प्रश्नपत्र में एक आपत्तिजनक सवाल पूछा गया। सवाल में कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में ‘राम’ नाम शामिल किया गया था, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने का मामला सामने आया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रश्नपत्र तैयार करने और वितरण की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी के अधीन थी, जहां गंभीर लापरवाही बरती गई।
इन आरोपों के चलते हुई सख्त कार्रवाई
शासन की जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिनमें प्रमुख रूप से-
- परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने में लापरवाही
- आपत्तिजनक सवाल से धार्मिक भावनाओं को ठेस
- हाईकोर्ट से जुड़े मामले में समय पर कार्रवाई नहीं करना
- विभागीय आदेशों की अवहेलना
- लेखा परीक्षण (ऑडिट) में वित्तीय अनियमितताएं
इन सभी बिंदुओं को गंभीर कदाचार मानते हुए कार्रवाई की गई।


नियमों के तहत किया गया निलंबन
शासन ने इस पूरे प्रकरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन माना है। इसके तहत सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के अंतर्गत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
नया प्रभार सौंपा गया
निलंबन के बाद बी.एल. देवांगन (उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय) को महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। साथ ही निलंबित अधिकारी का मुख्यालय रायपुर संभागीय कार्यालय निर्धारित किया गया है।



