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सीतापुर में मानवाधिकार संगठन की आड़ में फर्जी अधिकारी बनकर क्षेत्र में ठगी करने वाले गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।  

सीतापुर। मानवाधिकार संगठन की आड़ में फर्जी अधिकारी बनकर क्षेत्र में ठगी करने वाले गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर एक युवती समेत छः लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि, ठग गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार है। पुलिस ने गिरफ्तार ठगों के पास से एक इनोवा वाहन 5 हजार नगद एवं सात नग मोबाइल जब्त किया है। इनके विरुद्ध जबरन घर मे घुसकर डराने धमकाने समेत पैसा वसूली का प्रकरण दर्ज करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

ऐसे चलाते थे ठगी का रैकेट 
मिली जानकारी अनुसार भ्रष्टाचार एवं अपराध संरक्षण संगठन मानवाधिकार संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज प्रजापति के कहने पर संस्था से जुड़े कोतरा रोड़ रायगढ़ निवासी रमाकांत मिंज एवं जोडाडीपा जिला रायगढ़ निवासी श्यामलाल सारथी अंबिकापुर आये हुए थे। जहाँ इनकी मुलाकात अनुज भगत से हुई जो दोनों को होटल में रुकवाया था। होटल में अनुज भगत ने दोनों की मुलाकात आकाश केरकेट्टा एवं आबिद खेस से करवाया और दोनों को मानवाधिकार संस्था का सदस्य बनवाया। इसके बाद 20 अप्रैल को एक युवती समेत ये पाँचो गिरोह बनाकर इनोवा वाहन क्र CG 22 G 3854 से आकाश केरकेट्टा के गांव देवरी विकासखंड बतौली गए। जहाँ एक घर मे जबरन घुसकर फर्जी डॉक्टर एवं प्रैक्टिस का हवाला देते हुए धमकाकर पैसा लिया।

दारू बनाने का आरोप लगाते हुए 20 हजार रुपये की मांग
यहाँ के बाद ये सभी थाना क्षेत्र लुंड्रा पहुँचे और वहाँ रात को डरा धमकाकर उससे भी पैसे वसूल लिये। अगले दिन 22 अप्रैल को थाना क्षेत्र सीतापुर के ग्राम नकना पहुँचे और सुरेंद्र कुमार के घर मे बलात प्रवेश कर गए। खुद को मानव संगठन एवं अधिकारी बताते हुए उसके घर की तलाशी लेने और दारू बनाने का आरोप लगाते हुए 20 हजार रुपये की मांग की। इस दौरान एक जरकिन में पानी भरकर उसे दारू बता सुरेंद्र एवं उसकी माँ को फंसाकर जेल में डालने की धमकी दी।उनकी धमकी से डरकर सुरेंद्र ने 4 हजार रुपये उनको दे दिया। यहाँ से ठगी करने के बाद वो सभी ग्राम नकना निवासी बिंदु महंत के घर पहुँचे और जबरन घुसकर घर की तलाशी लेने लगे।

आरोपियों ने डरा- धमकाकर वसूले पैसे 
इस दौरान उन्होंने घरवालों को इतना डराया और धमकाया की घर मे मौजूद बच्चे सदमे में आ गए। घर की तलाशी के दौरान घरेलू उपयोग के लिए रखी दवाइयों को देखकर फर्जी क्लिनिक चलाने की बात कहते हुए एक लाख रुपये की मांग की। इतना पैसा दे पाने में असमर्थता जताने के बाद ठगों ने एक हजार रुपये लिए और वहाँ से निकल लिये।इनके जाने के बाद पीड़ित सुरेंद्र एवं बिंदु महंत को इन ठगों की गतिविधियों पर शक हुआ तब इन्होंने अपने साथ हुई घटना से सरपंच को अवगत कराया।

पुलिस ने आरोपियों को सीतापुर से किया गिरफ्तार 
सरपंच ने तत्काल पुलिस को इस घटना से अवगत कराया और ठगों की गतिविधियों पर निगरानी रखे हुए था। सरपंच की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँचती उससे पहले ही ठग वाहन में सवार होकर मौके से निकल भागे। जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी करते हुए रायगढ़ रोड सीतापुर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद वाहन समेत सभी को लेकर पुलिस थाने पहुँची। जहाँ तलाशी के दौरान इनके पास से पुलिस ने नगद 5 हजार रुपये, 7 नग मोबाइल एवं इनोवा वाहन जब्त किया।

इन धाराओं के तहत केस दर्ज 
इस मामले में पुलिस ने आरोपी रामाकांत मिंज आ ननी राम मिंज 34 वर्ष श्यामलाल सारथी आ स्व केड़ा सारथी 54 वर्ष समेत गोधनपुर अंबिकापुर निवासी अनुज भगत आ श्यामलाल भगत 37 वर्ष नमनाकला अंबिकापुर निवासी आकाश केरकेट्टा आ विनोद केरकेट्टा 27 वर्ष गंगीकोट विश्रामपुर निवासी आबिद खेस आ सिमोन खेस 27 वर्ष एवं जामढोढ़ी थाना सीतापुर निवासी अनिला एशोर्या मिंज आ इलिफ़ मिंज 27 वर्ष के विरुद्ध डरा धमकाकर पैसा वसूली करने के आरोप में धारा 333, 61(2), 112, 3(5)के तहत कार्यवाही करते हुए जेल भेज दिया है। इस मामले का मुख्य आरोपी नीरज प्रजापति फरार है जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

इन अधिकारियों और कर्मचारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका 
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी अखिलेश सिंह उपनिरीक्षक रघुनाथ राम भगत, एएसआई शशिप्रभा दास, प्रआ नीरज पांडेय, आ मनोहर कुमार, प्रमित भगत, राकेश यादव, धनकेश्वर यादव, देवदत्त सिंह, सेवक प्रसाद एवं महिला आरक्षक आशावती शामिल थे।

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