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अक्षय तृतीया का सबसे बड़ा दान क्या है? प्रेमानंद महाराज से जानें

अक्षय तृतीया के दिन दान का भी विशेष महत्व धर्म शास्त्रों में बताया गया है. इस दिन अन्न, जल, वस्त्र और धन का दान करते हैं, लेकिन वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज से बताया है कि अक्षय तृतीया के दिन सबसे बड़ा दान क्या है? आइए इस बारे में जानते हैं.

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को उस दिन के रूप में देखा जाता है, जिस दिन किए गए शुभ कामों का पुण्य अक्षय (जो कभी समाप्त न हो) होता है. हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है. ये दिन अबूझ मुहूर्त होता है. यानी इस दिन हर शुभ काम बिना शुभ मुहूर्त देखे होता है. इस साल 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी.

अक्षय तृतीया के दिन लोग सोना-चांदी और किमती समान की खरीदारी करते हैं. इस दिन माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. अक्षय तृतीया के दिन दान का भी विशेष महत्व धर्म शास्त्रों में बताया गया है. इस दिन लोग अन्न, जल, वस्त्र और धन का दान करते हैं, लेकिन वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज से बताया है कि अक्षय तृतीया के दिन सबसे बड़ा दान क्या है? आइए इस बारे में जानते हैं.

सबसे बड़ा दान क्या है?

प्रेमानंद महाराज ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन अन्न, जल, वस्त्र और धन का दान तो सभी किया करते हैं, लेकिन इस पावन दिन पर नाम जप का दान सबसे ऊपर माना जाता है. अगर आप लगातार राधा नाम या प्रभु के नाम का जप कर रहे हैं और आपके मुख से निकलने वाली ध्वनि किसी दुखी व्यक्ति के कान में पड़ती है, तो उसके जीवन का अंधेरा दूर हो सकता है. यही सबसे बड़ा दान है.

अक्षय तृतीया के दिन ये उपाय भी करें

  • प्रेमानंद महाराज के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन व्यर्थ की बातों और विवादों से दूर रहकर मौन धारण करें. मौन रहने से एकत्र हुई ऊर्जा को भगवान की भक्ति में लगाया जा सकता है.
  • इस दिन बाहर का जल न पीएं. घर में ठाकुर जी को भोग लगाएं और वही प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें.
  • इस दिन मंत्रों का जाप करें. इसका फल बहुत अधिक मिलता है.
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