सैंपलों को राज्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां से अमानक रिपोर्ट आने पर विक्रेताओं पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रकाश के पर्व दीपावली के नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग अचानक काफी बढ़ गई है। इसी के साथ मिठाइयों में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। त्योहार के सीजन में आम नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग की संयुक्त टीम ने बिलासपुर शहर की तीन प्रमुख मिठाई दुकानों में औचक दबिश देकर मावा, कुंदा, बेसन लड्डू और काजू कतली के सैंपल सील किए हैं।
जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे सैंपल, अमानक मिलने पर होगी कानूनी कार्रवाई
अभिहित अधिकारी आर.आर. देवांगन ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जब्त किए गए सभी नमूनों को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के कड़े प्रावधानों के तहत सील बंद कर जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (रायपुर) भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से विस्तृत जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट हो सकेगा कि मिठाइयों में निर्धारित मानकों का पालन हुआ है या नहीं। यदि जांच में सैंपल अमानक या मिलावटी पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठानों और संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी: मिठाई खरीदते समय इन 4 बातों का रखें खास ध्यान
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने त्योहार के दौरान नागरिकों को जागरूक रहने की सलाह दी है और खरीदारी करते समय निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:
पैकिंग और लेबल जरूर देखें – डिब्बाबंद या पैक मिठाई खरीदते समय डिब्बे पर निर्माण तिथि (Mfg Date), इस्तेमाल की अंतिम तिथि और निर्माता की पूरी जानकारी जांच लें।
दुकान की साफ-सफाई परखें – खुली मिठाइयां खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि दुकान, शो-केस और मिठाई रखने की जगह पूरी तरह स्वच्छ व ढकी हुई हो।
पक्का बिल जरूर लें – किसी भी दुकान से मिठाई खरीदने के बाद उसका पक्का बिल संभालकर रखें, ताकि गुणवत्ता खराब होने पर शिकायत का प्रमाण रहे।
संदेह होने पर तुरंत करें शिकायत – यदि मिठाई के स्वाद, रंग, गंध या स्वच्छता पर जरा भी संदेह हो, तो तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग के टोल-फ्री नंबर या कलेक्टोरेट स्थित कार्यालय में सूचना दें।





