शारदीय नवरात्र के पावन पर्व का शुभारंभ घटस्थापना के साथ होता है। धर्म शास्त्रों में घटस्थापना (कलश स्थापना) को देवी शक्ति के आह्वान का सबसे पहला और अनिवार्य चरण माना गया है। मान्यता है कि यदि नवरात्र के पहले दिन शुभ मुहूर्त में अपनी राशि के अनुकूल रंग, भोग और मंत्रों का ध्यान रखा जाए, तो घर में नौ दिनों तक सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन घटस्थापना के साथ-साथ व्यक्तिगत राशि अनुसार पूजन करने से साधक को विशेष लाभ मिलता है।
घटस्थापना का महत्व और धार्मिक विधान
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नवरात्र के पहले दिन घट में मां दुर्गा के नवग्रहों और समस्त देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इस दिन साधक को प्रातकाल स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। घटस्थापना के दौरान मिट्टी की वेदी बनाकर उसमें जौ बोए जाते हैं और उसके ऊपर तांबे या मिट्टी का कलश स्थापित किया जाता है। कलश में जल, गंगाजल, सिक्के, दूर्वा और सुपारी डालकर ऊपर आम के पत्ते और नारियल रखा जाता है। सही विधि से स्थापित कलश घर के वातावरण से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
राशि अनुसार शुभ रंग, भोग और पूज्य मंत्र
नवरात्र के पहले दिन पूजा में बैठते समय यदि साधक अपनी राशि से संबंधित शुभ वस्त्र पहने और मां दुर्गा को उनकी पसंद का भोग अर्पित करे, तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। नीचे अपनी राशि के अनुसार सही विवरण देखें:
- मेष राशि: शुभ रंग: लाल या गुलाबी | भोग: बेसन के लड्डू या हलवा | मंत्र:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे - वृषभ राशि: शुभ रंग: सफेद या चमकीला | भोग: साबूदाने या मखाने की खीर | मंत्र:
ॐ महालक्ष्म्यै नमः - मिथुन राशि: शुभ रंग: हरा या हल्का पीला | भोग: हरी इलायची या काजू | मंत्र:
ॐ सरस्वती देव्यै नमः - कर्क राशि: शुभ रंग: सफेद या चमकीला | भोग: दूध से बनी मिठाई | मंत्र:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं नमः - सिंह राशि: शुभ रंग: लाल, नारंगी या पीला | भोग: अनार या केसर युक्त खीर | मंत्र:
ॐ दुं दुर्गायै नमः - कन्या राशि: शुभ रंग: हरा | भोग: मूंग दाल का हलवा | मंत्र:
ॐ जगदम्बायै नमः - तुला राशि: शुभ रंग: सफेद, क्रीम या गुलाबी | भोग: मिश्री या पेड़ा | मंत्र:
ॐ महालक्ष्म्यै नमः - वृश्चिक राशि: शुभ रंग: लाल या गहरा लाल | भोग: गुड़ या मालपुआ | मंत्र:
ॐ कालरात्र्यै नमः - धनु राशि: शुभ रंग: पीला या केसरिया | भोग: बेसन का हलवा या केला | मंत्र:
ॐ नवदुर्गायै नमः - मकर राशि: शुभ रंग: नीला या गहरा नीला | भोग: तिल के लड्डू या सूखे मेवे | मंत्र:
ॐ जगत्प्रसूतये नमः - कुंभ राशि: शुभ रंग: नीला या बैंगनी | भोग: काले तिल का भोग या हलवा | मंत्र:
ॐ परमेश्वर्यै नमः - मीन राशि: शुभ रंग: पीला या सुनहरा | भोग: केसरिया भात या बेसन के लड्डू | मंत्र:
ॐ नवदुर्गायै नमः
शास्त्रों की राय
“घटस्थापना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ब्रह्मंडीय ऊर्जा को घर में आमंत्रित करने की प्रक्रिया है। यदि साधक अपने ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार सही रंग और मंत्र का उपयोग करता है, तो मानसिक शांति और कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है।”
— वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य
आम नागरिकों के लिए जरूरी सुझाव
घटस्थापना के दिन घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) को साफ करके ही पूजा स्थल बनाएं। पूजा के समय अखंड ज्योति जलाने की योजना बना रहे हैं, तो उसे आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) में रखें। ध्यान रखें कि घटस्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त (प्रतिपदा तिथि और अभिजीत मुहूर्त) के भीतर ही की जानी चाहिए। राहुकाल के दौरान कलश स्थापित करने से बचें।





