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इस साल छत्तीसगढ़ के किसानों को ई-उर्वरक नामक सॉफ्टवेयर के माध्यम से खाद का वितरण उनके पास उपलब्ध जमीन के आधार पर किया जाएगा।

बिलासपुर। सहकारी समितियों में किसानों को खाद के वितरण पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। खाद के वितरण के लिए सरकार इस साल एक नया सॉफ्टवेयर लांच कर रही है, जिसमें सारे किसानों का डाटा फीड होगा। ई-उर्वरक नामक सॉफ्टवेयर के माध्यम से किसानों को खाद का वितरण उनके पास उपलब्ध जमीन के आधार पर किया जाएगा। सॉफ्टवेयर के प्रारंभ होने में लगभग एक सप्ताह का और समय लगने की बात कही जा रही है।

ई-उर्वरक सॉफ्टवेयर के माध्यम से होगा वितरण
कुछ समय पहले तक किसानों को बुला-बुलाकर खाद का अग्रिम उठाव करने के लिए प्रेरित करने का सिलसिला अभी फिलहाल थम गया है। जिले की सहकारी समितियों में किसानों को रासायनिक खाद के वितरण पर रोक लगा दी गई है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस साल सरकार द्वारा खाद का वितरण ई-उर्वरक नामक सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा।

साफटवेयर में दर्ज रहेगा जमीन का ब्योरा
ई-उर्वरक नामक सॉफ्टवेयर में सहकारी समितियों में पंजीकृत सारे किसानों की विस्तृत जानकारी पहले से दर्ज रहेगी। इस दौरान किसान द्वारा उर्वरक की मांग करते ही सबसे पहले सॉफ्टवेयर में दर्ज किसान की जमीन का ब्योरा देखा जाएगा। इसके अनुसार किसान के पास उपलब्ध एवं सॉफ्टवेयर में दर्ज भूमि के आधार पर उतनी मात्रा में ही किसानों को उर्वरक दिया जाना है।

मनमाने खाद डालने पर लगेगी लगाम
अब तक केवल किसानों के कहने या मांग के आधार पर सहकारी समितियों द्वारा खाद मुहैया करा दी जाती थी, जिसका ज्यादातर किसानों द्वारा बेजा इस्तेमाल किया जाता था। पर्याप्त खाद होने के कारण या तो किसान अपने ही खेत में अधिकाधिक फसल की लालच में मनमाना खाद डालते थे, या फिर इसकी अधिक कीमतों में अन्य किसानों को बिक्री भी कर दी जाती थी। इस साल से ई-उर्वरक नामक सॉफ्टवेयर के माध्यम से लिमिट में खाद मिलने के कारण किसानों द्वारा खाद का सही इस्तेमाल किया जा सकेगा। सहकारी बैंक सूत्रों के अनुसार नया सॉफ्टवेयर एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ किया जा सकता है। इसके आते ही किसानों को खाद वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।

मायूस हो रहे किसान
अब तक आराम से बैठे किसानों ने अब खाद के लिए सहकारी समितियों का चक्कर लगाना शुरू कर दिया है। जबकि समितियों में फिलहाल खाद वितरण पर रोक होने के कारण किसानों को बिना खाद के मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। जिले में इस साल 146 सहकारी समितियों में खाद-बीज व केसीसी का वितरण किया जाना है, लेकिन यहां केसौसी व बीज के प्रकरण तो लिए जा रहे हैं, लेकिन खाद के लिए किसानों को फिलहाल निराश होना पड़ रहा है।

लगाई गई है रोक : मिश्रा
सीईओ जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित प्रभात मिश्रा ने बताया कि, इस साल किसानों को ई-उर्वरक नामक सॉफ्टवेयर के माध्यम से खाद का वितरण किया जाना है। इसके अंतर्गत किसानों को उनके पास उपलब्ध जमीन के आधार पर ही रासायनिक खाद का वितरण किया जा सकेगा। सॉफ्टवेयर एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ होने की संभावना है। तब तक के लिए सहकारी समितियों में किसानों को रासायनिक खाद के आबंटन पर रोक लगाई गई है।

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