हिंदू धर्म में मोहिनी एकादशी का विशेष महत्व है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही भगवान विष्णु ने ‘मोहिनी’ रूप धारण किया था. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जगत के पालनहार को बार-बार धरती पर अवतार क्यों लेना पड़ा? आइए, इस पावन अवसर पर जानते हैं उनके दशावतारों की रोचक कहानी.
सनातन धर्म में भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनकर्ता माना जाता है. जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ा, दुष्टों का अत्याचार चरम पर पहुंचा और धर्म का संतुलन बिगड़ा, तब-तब उन्होंने अलग-अलग रूपों में अवतार लेकर संसार की रक्षा की. मोहिनी एकादशी का पर्व इसी दिव्य शक्ति और उनके अद्भुत अवतारों की याद दिलाता है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में मोहिनी एकादशी का व्रत सोमवार, 27 अप्रैल को रखा जाएगा. आइए जानते हैं आखिर क्यों भगवान विष्णु को 10 अलग-अलग अवतार लेने पड़े और हर अवतार की क्या है खास कहानी.
मत्स्य अवतार की कहानी
यह विष्णु जी का पहला अवतार है. जब एक दैत्य ने वेदों को चुराकर समुद्र की गहराइयों में छिपा दिया था, तब भगवान ने मछली का रूप लेकर वेदों को पुन: प्राप्त किया और राजा सत्यव्रत के माध्यम से सृष्टि के बीज बचाए ताकि प्रलय के बाद जीवन फिर शुरू हो सके.
कूर्म अवतार की कहानी
समुद्र मंथन के समय जब मंदराचल पर्वत डूबने लगा, तब भगवान विष्णु ने कछुए (कूर्म) का रूप धारण किया. उन्होंने अपनी विशाल पीठ पर पर्वत को थामा, जिसके बाद ही देवताओं और असुरों ने अमृत सहित 14 रत्नों को प्राप्त किया.
वराह अवतार की कहानी
जब हिरण्याक्ष नामक दैत्य ने पृथ्वी को चुराकर समुद्र के नीचे पाताल लोक में छिपा दिया था, तब भगवान ने ‘वराह’ (सूअर) का अवतार लिया. उन्होंने हिरण्याक्ष का वध किया और अपने दांतों पर उठाकर पृथ्वी को वापस ऊपर लेकर आए.
नरसिंह अवतार की कहानी
अहंकारी राजा हिरण्यकश्यप को वरदान था कि उसे न कोई मनुष्य मार सकता है, न पशु. न दिन में, न रात में. तब विष्णु जी ने आधा शेर और आधा मनुष्य (नरसिंह) का अवतार लिया और शाम के समय अपनी गोद में रखकर नाखूनों से उसका वध किया.
वामन अवतार की कहानी
राजा बलि ने तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया था. देवताओं की रक्षा के लिए भगवान ने एक छोटे ब्राह्मण (बौने) का रूप लिया. उन्होंने बलि से तीन पग भूमि दान में मांगी और दो ही पग में धरती-आकाश नाप लिया. तीसरे पग के लिए बलि ने अपना सिर झुका दिया.
परशुराम अवतार की कहानी
जब क्षत्रिय राजा अभिमानी और अत्याचारी हो गए थे, तब ब्राह्मण पुत्र परशुराम के रूप में भगवान ने अवतार लिया. उन्होंने अन्याय करने वाले राजाओं का अंत कर धर्म की मर्यादा फिर से स्थापित की.
राम अवतार की कहानी
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का अवतार असुर राज रावण के अंत के लिए हुआ था. उन्होंने समाज को आदर्श जीवन, सत्य और नैतिकता का पाठ पढ़ाया.
कृष्ण अवतार की कहानी
द्वापर युग में अधर्म का नाश करने और कंस जैसे पापी राजाओं से मुक्ति दिलाने के लिए श्री कृष्ण अवतरित हुए. उन्होंने महाभारत के युद्ध में गीता का ज्ञान देकर कर्म का संदेश दिया.
बुद्ध अवतार की कहानी
विष्णु पुराण के अनुसार, महात्मा बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना जाता है, संसार को अहिंसा, करुणा और शांति का मार्ग दिखाने के लिए भगवान विष्णु ने बुद्ध का अवतार लिया. उन्होंने पशु बलि और पाखंड जैसी बुराइयों को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाया.
कल्कि अवतार की कहानी
शास्त्रों के अनुसार, कलयुग के अंत में जब पाप अपनी चरम सीमा पर होगा, तब भगवान विष्णु ‘कल्कि’ के रूप में प्रकट होंगे. वे सफेद घोड़े पर सवार होकर आएंगे और दुष्टों का संहार कर फिर से ‘सतयुग’ की स्थापना करेंगे.
मोहिनी एकादशी का विशेष महत्व
मोहिनी अवतार भगवान विष्णु का वह स्वरूप है जिसने देवताओं को अमृत पान करवाया था. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मोहिनी एकादशी पर व्रत करने से मनुष्य के सभी पापों का नाश होता है और उसे मोह-माया के बंधनों से मुक्ति मिलती है.





