रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित CGMSC (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड) घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से दो आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। मोक्षित कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा और कमलकांत पाटनवार को शीर्ष अदालत ने जमानत दे दी है।
जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपियों की जमानत याचिका पहले हाईकोर्ट में खारिज हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद दोनों अब जेल से बाहर आ सकेंगे। दोनों आरोपी आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की एफआईआर के तहत रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।
गौरतलब है कि यह मामला CGMSC के जरिए हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। ऑडिट ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट में इस घोटाले का खुलासा हुआ था, जिसके आधार पर भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा विभाग के प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) यशवंत कुमार ने करीब 660 करोड़ रुपए के कथित घपले को लेकर तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ को पत्र लिखा था।




