कुसमुंडा-गेवरा मार्ग से लेकर मोरगा और उरगा तक हुए हादसों ने एक बार फिर सड़क पर चलने वाले आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
कोरबा जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 24 घंटे के भीतर तीन दुर्घटनाओं में पांच लोगों की मौत ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। औद्योगिक और कोयला परिवहन क्षेत्र होने के कारण जिले की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव पहले से ही अधिक है। इसके बावजूद तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। युवती की पहचान दीपका बस्ती निवासी सीमा पटेल पिता विक्रम पटेल और दादरकला भैसमा निवासी संजय कुमार पिता भागवत सिंह के रूप में हुई है। सीमा कोरबा के एक निजी बैंक में कार्यरत थी और दीपका से काम पर जा रही थी। संजय दीपका की एक निजी कंपनी में वाहन चालक था। वह ड्यूटी जा रहा था। कुसमुंडा पुलिस ने ट्रेलर जब्त कर ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
ट्रक ने चपेट में ले लिया
दूसरी घटना मोरगा चौकी क्षेत्र में बस स्टैंड के पास बुधवार सुबह करीब 11 बजे हुई। ग्राम बोटपाल निवासी बुधवार सिंह बिंझवार (26) और मोहन धनवार (20) किसी काम से अपनी बाइक क्रमांक सीजी सीजी 12 एएम 6285 से मोरगा बस स्टैंड आए थे। काम निपटा घर जा रहे थे, तभी नासिक महाराष्ट्र से आ रही तेज रफ्तार ट्रक नंबर एमएच 18 बीएच 3377 ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। बुधवार सिंह बिंझवार कोक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल मोहन धनुहार की उपचार के लिए अस्पताल ले जाते वक्त मृत्यु हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची मोरगा चौकी पुलिस ने दुर्घटनाकारित वाहन जब्त कर लिया है और आगे कार्रवाई कर रही है।





