सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों ने आज पांच नवंबर को सुबह-सुबह शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले का घेराव किया।
यहां पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद हैं। बंगले पर ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मचारी उन्हें यहां से धरना स्थल पर जाने के लिये कह रहे हैं। इसे लेकर अभ्यर्थियों और पुलिस में कहासुनी होती रही। मामले में पुलिस अभ्यर्थियों को बंगले से जाने के लिये समझाइश देती रही। उनका कहना है कि आप बिना अनुमति के सुबह-सुबह किसी के घर में घुसकर प्रदर्शन नहीं कर सकते। दूसरी ओर डीएड अभ्यर्थी बंगले से नहीं जाने के लिये अड़े हुए हैं। डीएड अभ्यर्थी मूरली चंद्रवंशी और भूपेंद्र ने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर शिक्षा मंत्री से फरियाद लगाने के लिये आये हैं। जब तक सरकार नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, तब तक वे बंगले से नहीं उठेंगे। सुबह छह से डीएड अभ्यर्थी मंत्री के बंगले पर बैठे हुए हैं।
321 दिनों से चल रहा आंदोलन
बता दें कि 2300 पदों पर सहायक शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थी पिछले दस महीने से तूता धरना स्थल नवा रायपुर में आमरण अनशन कर रहे हैं। आज इसी क्रम में शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव किया है। पिछले 321 दिनों से आंदोलनरत डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सरकार नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, तब तक वे बंगले से नहीं उठेंगे। हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन, महिला सशक्तिकरण के दावों और दीपावली के पर्व पर भी धरने में बैठी छत्तीसगढ़ की बेटियों के संघर्ष से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर अभ्यर्थी अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश, फिरभी…
सहायक शिक्षक के 2316 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ डीएड अभ्यर्थी 316 दिन से नवा रायपुर के तूता धरना स्थल में आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। मामले में सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक नियुक्ति नहीं हुई है। जबकि इन पदों के लिये काउंसिलिंग भी हो चुकी है। इसके बाद भी अभी तक इन पदों पर सहायक शिक्षकों को पदस्थ नहीं किया गया है।
जेल जाने की सजा, नहीं हो रही शादी
इन अभ्यर्थियों ने कहा कि प्रदर्शन करते हुए दस महीने हो गये हैं। रायपुर में आत्मदाह के प्रयास के दौरान उन्हें ‘शातिर’ कैदियों के साथ चार दिनों तक रायपुर सेंट्रल जेल में रखा गया। इस पुलिसिया कार्रवाई से समाज के लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कानाफूसी और तानों से जीना दूभर हो गया है। सामाजिक तानें-बानें सुनने पड़ रहे हैं। पड़ोसी चुटकी ले रहे हैं। टिका टिप्पणी कर रहे हैं। जेल में रहने की वजह से हमारी शादी नहीं हो पा रही है। लगन लगकर कट जा रहे हैं। शादी की उम्र हो गई पर शादी नहीं हो रही है। ये पीड़ा है छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर के तूता धरना स्थल में आमरण अनशन पर बैठे हुए डीएड अभ्यर्थियों का।





