महादेव सट्टा मामले के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर की ओमान से भारत वापसी हो गई है।
महादेव सट्टा मामले के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी से जांच का अगला अध्याय शुरू हो गया है। ओमान से प्रत्यर्पित कर रायपुर लाए गए चंद्राकर से पूछताछ में सट्टे की कमाई, हवाला नेटवर्क और कथित राजनीतिक-प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। हालांकि, किसी नए राजफाश या आरोपी के बयान की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
6000 करोड़ से 94,400 करोड़ तक पहुंचा जांच का दायरा
सीबीआइ के अनुसार, महादेव आनलाइन बुक सिंडिकेट देश के बड़े अवैध आनलाइन सट्टा नेटवर्क में शामिल था। क्रिकेट, फुटबाल और अन्य खेलों पर सट्टा लगाने के लिए देशभर में 3,000 से अधिक पैनल और शाखाएं संचालित की जाती थीं। जांच में सामने आया कि सट्टे की रकम म्यूल बैंक खातों में जमा कर कई स्तरों पर लेनदेन के बाद हवाला के जरिए विदेश भेजी जाती थी।
नेताओं, पुलिस और प्रशासनिक सरकारी अधिकारियों को कथित संरक्षण राशि देने के आरोप भी जांच का हिस्सा हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने सितंबर 2026 में अदालत में दाखिल शिकायत में संबंधित सट्टा प्लेटफार्मों से करीब 94,400 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय का अनुमान जताया था। यह जांच एजेंसी का अनुमान है, न्यायिक रूप से प्रमाणित रकम नहीं।
मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ आरोप और जांच पहले भी विवाद का केंद्र रहे हैं। हालांकि इन आरोपों से बघेल इन्कार करते रहे हैं। अब सौरभ चंद्राकर की पूछताछ से कथित लेनदेन, लाभार्थियों और संरक्षण नेटवर्क की कड़ियों की जांच आगे बढ़ सकती है। सौरभ पर दो सीबीआइ मामलों में आरोपपत्र दाखिल हैं, जबकि ईडी भी मनी लांड्रिंग के मामले में जांच कर रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार सट्टे की कमाई हवाला और म्यूल बैंक खातों के जरिए विदेश भेजी गई तथा सरकारी अधिकारियों को संरक्षण राशि भी दी गई।
508 करोड़ के आरोप से फिर गरमाई जांच
महादेव सट्टा के सह-प्रमोटर रवि उप्पल, सहयोगी अनिल अग्रवाल उर्फ अतुल और वित्तीय लेनदेन संभालने वाले शुभम सोनी फिलहाल दुबई में हैं। तीनों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है। चंद्राकर के साथ 2019 में सट्टा कारोबार शुरू करने वाले शुभम सोनी ने 2023 में ई-मेल भेजकर अधिकारियों और राजनेताओं को करोड़ों रुपये संरक्षण राशि देने का दावा किया था।
उसके एक वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रमोटरों द्वारा 508 करोड़ रुपये देने का आरोप भी सामने आया था। इसकी जांच जारी है। वहीं, 2023 में रायपुर में 39 करोड़ रुपये नकदी के साथ गिरफ्तार ड्राइवर असीम दास ने भी शुभम के निर्देश पर बघेल तक रकम पहुंचाने की बात कही थी।




