चक्रवाती तूफान अर्णव के प्रभाव से तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई है।
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में कई जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ का मौसम बदल गया है। राजधानी रायपुर समेत बस्तर, दुर्ग और राजनांदगांव के कई इलाकों में सुबह से ही बारिश का दौर शुरू हो चुका है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवा चल रही हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। हालांकि, अब तक कहीं से किसी अप्रिय घटना या जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
शहरों में जलभराव और सड़कों पर फिसलन का बड़ा खतरा
तूफानी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई है। भारी वर्षा के चलते सड़कों पर फिसलन बढ़ जाएगी और दृश्यता में भारी कमी आएगी। प्रमुख शहरों में जलभराव की स्थिति बनने से यातायात बाधित हो सकता है, जिससे लोगों के यात्रा समय में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही निचले रिहायशी इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने की आशंका है। सुरक्षा के मद्देनजर नहरों पर बने निचले पुलों व रपटों को बंद किया जा सकता है। वहीं ग्रामीण अंचलों में खेतों के जलमग्न होने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
48 घंटों में उत्तर छत्तीसगढ़ के इन जिलों में सक्रिय होगा सिस्टम
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, आगामी 48 घंटों के दौरान बारिश का मुख्य प्रभाव उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में देखने को मिलेगा। इस अवधि में कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और कोरबा जिलों में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा सरगुजा, जशपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली और जांजगीर-चांपा जिलों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।
सतर्कता बरतने की सलाह
तूफान के चलते लगातार तेज हवा और वर्षा को देखते हुए संबंधित जिला प्रशासन को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाले रास्तों, पुराने पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें तथा बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें।





