शादी का रिश्ता तय कराने के नाम पर 5.65 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर पुलिस ने चार महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह की एक महिला खुद को नर्स बताकर पीड़ित से बात करती थी और बहाने से पैसे मांगती थी। जिले में शादी के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का जांजगीर-चांपा साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में चार महिलाओं और एक पुरुष सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य मोबाइल पर शादी का विज्ञापन चलाकर लोगों को रिश्ता तय कराने का झांसा देते थे। मामले में नवागढ़ निवासी 53 वर्षीय रेशमलाल साहू से कुल 5 लाख 65 हजार 355 रुपये की ठगी की गई थी।
नर्स बताकर बनाया शादी का रिश्ता
पुलिस के अनुसार रेशमलाल साहू अपने लिए शादी का रिश्ता तलाश रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर शादी का विज्ञापन आया। विज्ञापन में दिए गए संपर्क के माध्यम से उन्हें महासमुंद के सरकारी अस्पताल में नर्स के रूप में काम करने वाली पदमा नाम की युवती से शादी का रिश्ता तय कराने का भरोसा दिया गया। कुछ रकम जमा कराने के बाद उन्हें युवती का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया। इसके बाद व्हाट्स एप चैटिंग और मोबाइल कॉल के जरिए बातचीत शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक युवती ने कभी मां के इलाज, कभी खुद के इलाज, कभी दुर्घटना और कभी मां की मृत्यु का हवाला देकर अलग-अलग समय पर पैसे मांगे। भरोसे में आकर रेशमलाल ने जमीन बेचकर मिली रकम और उधार के पैसे सहित कुल 5,65,355 रुपये विभिन्न खातों में जमा कर दिए।
मिलने की बात पर बनाने लगी बहाने
जब प्रार्थी ने युवती से मिलने की बात कही तो वह अलग-अलग बहाने बनाने लगी। इसके बाद रेशमलाल महासमुंद के सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां जांच करने पर पदमा नाम की कोई युवती नहीं मिली। आसपास पूछताछ करने पर भी उसका पता नहीं चला। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
पुलिस ने साइबर पोर्टल की मदद से बैंक खातों, बैंक विवरण और मोबाइल नंबरों की जांच की। जांच में आरोपियों का संबंध राजनांदगांव से सामने आया। पुलिस के अनुसार भूमिका रंगारी नामक युवती पदमा बनकर प्रार्थी से बातचीत करती थी और उसने अपने खाते में करीब ढाई लाख रुपये प्राप्त किए थे। पूछताछ में भूमिका ने कथित तौर पर बताया कि वह वर्ष 2025 में लव लाइक रिश्ते मैरिज ब्यूरो में काम करती थी। काम छोड़ने के बाद बेरोजगार होने पर उसने कथित रूप से एक फर्जी संस्था शुरू की और मोबाइल पर विज्ञापन चलाकर शादी का झांसा देकर लोगों से पैसे लेने लगी। पुलिस के अनुसार उसके अन्य साथियों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे, जिनमें ठगी की शेष रकम ट्रांसफर हुई।
गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में भूमिका रंगारी, रोहित कुमार गुप्ता, नसीम बानो, तय्यबा बानो और शायना बानो शामिल हैं। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस के मुताबिक भूमिका रंगारी के विरुद्ध साइबर पोर्टल पर शादी के नाम पर रिश्ता कराने और पैसे लेने से संबंधित अन्य शिकायतें भी दर्ज हैं। इस संबंध में संबंधित थाने को सूचना दी गई है।





