भिलाई। ब्लैकमेलिंग कर अस्पताल प्रबंधन से लाखों रुपए का डिमांड करने वाला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि सुंदर नगर निवासी गुरूमीत सिंह वाधवा एसबीएस अस्पताल भिलाई प्रबंधन को ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपए का डिमांड कर रहा था। परेशान प्रबंधन घटना की शिकायत छावनी पुलिस से की।
मामले की जांच करने पर पता चला कि गुरुमीत सिंह वाधवा स्वयं को मीडिया कर्मी बताकर पहले ब्लैकमेलिंग किया। नहीं मानने पर फर्जी केस में फंसाने की धमकी तक दी। पुलिस ने गुरुमीत सिंह वाधवा को उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से 13 मोबाइल फोटोग्राफ, अस्पताल उपचार से जुड़े कई दस्तावेजी साक्ष्य जब्त किया है।
अस्पताल मानक के मुताबिक नहीं मिला
गुरुमीत सिंह वाधवा पर आरोप है कि, 28 नवम्बर 2025 को छत्तीसगढ़ मुख्य सचिव को पत्र देकर कहा था कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने उसे छत्तीसगढ़ के हर जिले में पांच-पांच अस्पतालों की जांच कर, वहां हो रहे उपचार की रिपोर्ट देने कहा है। गुरुमीत सिंह वाधवा एसबीएस अस्पताल की जांच करने पहुंचा उसके मुताबिक अस्पताल मानक के मुताबिक नहीं मिला।
नेशनल मैगजीन का मैनेजिंग एडिटर बताया
जांच में यह भी सामने आया कि वाधवा द्वारा उपयोग किए गए लेटरहेड और संपर्क नंबर भी संदिग्ध हैं। पांच में से चार नंबर बंद मिले, जबकि एक नंबर किसी महिला का निजी नंबर निकला। आरोप है कि गुरमीत सिंह वाधवा खुद को इंटरनेशनल मैगजीन का मैनेजिंग एडिटर बताया करता था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के नाम का हवाला देकर अस्पतालों में जांच किया करता था। कथित अधिकार के आधार पर उसने भिलाई के एसबीएस अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस पत्र के आधार पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया और जांच भी बैठा दी गई। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।





