सूरजपुर में चोरी के शक पर युवक को आधा सिर मुंडवाकर, जूते-चप्पल की माला पहनाकर और पत्नी संग बेइज्जत करते हुए पूरे गांव में घुमाया गया, पुलिस जांच में जुटी।
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां चोरी के आरोप में एक युवक को ग्रामीणों ने तालीबानी शैली में सजा दी। न केवल युवक का अर्ध-मुंडन कराया गया, बल्कि गले में जूते-चप्पल की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया गया। हैरान करने वाली बात यह रही कि उसकी पत्नी को भी बेइज्जत करते हुए उसके साथ गांव में घुमाया गया। घटना के बाद पीड़ित परिजन पुलिस के पास पहुंचे, जिसके बाद मामला गंभीरता से जांच में लिया गया है।
तालिबानी अंदाज में युवक को दी गई सजा
रामानुजनगर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर निवासी मोहम्मद रहमान ताज पर पस्ता गांव के ग्रामीणों ने सोलर पैनल सिस्टम के तार चोरी करने का आरोप लगाया था। ग्रामीणों ने सरपंच पति के साथ मिलकर उसे गांव में मामले के समझौते के नाम पर बुलाया। रहमान ताज अपनी पत्नी के साथ वहां पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने अचानक उस पर भीड़ जैसी कार्रवाई करते हुए उसका आधा सिर मुंडवा दिया। फिर जूते-चप्पल की माला पहनाकर उसे गांव में घुमाते हुए मारपीट की गई।
पत्नी को भी किया बेइज्जत
यहां तक कि जब ग्रामीणों का गुस्सा कम नहीं हुआ, तो उन्होंने रहमान की पत्नी को भी साथ में घुमाया और बेइज्जत किया। पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई एक झूठे आरोप के आधार पर की गई है और गांववालों ने तालीबानी संस्कृति की तरह सजा दी।
पीड़ितों ने थाने पहुंचकर जताई आपत्ति
पीड़ित दंपत्ति और उनके परिजनों ने थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रारंभिक बयान में कहा कि युवक चोरी की नीयत से गांव में गया था और ग्रामीणों ने उसे देखकर भगाया। अगले दिन वह अपने परिजनों के साथ गांव पहुंचा, जहां नाराज़ ग्रामीणों ने यह अमानवीय कृत्य किया। पुलिस ने कहा है कि मामले की विवेचना जारी है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
खड़े होकर देख रहा था सरपंच
घटना में मौजूद रहे सरपंच पति ने ग्रामीणों की नाराजगी की पुष्टि की है और यह स्वीकार किया कि लोग गुस्से में एकजुट होकर ऐसा कर बैठे। उसने अपनी भूमिका को ‘केवल दूर खड़े होकर देखने’ तक सीमित बताया है। हालांकि इस दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं कि एक जनप्रतिनिधि का दायित्व घटनास्थल पर रोकने का होता है या चुपचाप देखने का।
मामले पर उठे सवाल
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है बल्कि ग्रामीण न्याय की खतरनाक मानसिकता पर भी चिंतन का विषय है। भीड़ द्वारा दी जा रही तालीबानी शैली की सजाएं समाज में कानून के भय के कमजोर होने का संकेत देती हैं। अब देखना होगा कि पुलिस जांच कितनी मजबूत और निष्पक्ष होती है।




