mor36garh-logo

क्या सेंधा नमक खाने से भी टूट जाएगा वरुथिनी एकादशी का व्रत? पद्म पुराण में हैं नियम

अक्सर घरों में बड़े-बुजुर्गों को ये कहते सुना जाता है कि व्रत में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए. लेकिन, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कमजोरी से बचने के लिए लोग व्रत में सेंधा नमक का सेवन कर लेते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या सेंधा नमक खाने से व्रत टूट जाता है?

आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का दिन है. आज भक्त भगवान विष्णु को समर्पित वरुथिनी एकादशी का व्रत रखे हुए हैं. हिंदू धर्म में वरुथिनी एकादशी व्रत बहुत फलदायी माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि ये एकादशी व्रत 10 हजार वर्षों के बराबर की तपस्या का फल प्रदान करता है. वरुथिनी एकादशी पर लोगों के मन में सबसे ज्यादा उलझन नमक के सेवन को लेकर रहती है.

अक्सर घरों में बड़े-बुजुर्गों को ये कहते सुना जाता है कि व्रत में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए. लेकिन, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कमजोरी से बचने के लिए लोग व्रत में सेंधा नमक का सेवन कर लेते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या सेंधा नमक खाने से व्रत टूट जाता है?

पद्म पुराण और भविष्य पुराण के अनुसार…

एकादशी व्रत के दौरान खान-पान को लेकर ‘पद्म पुराण’ और भविष्य पुराण जैसे शास्त्रों में काफी विस्तार वर्णन मिलता है. समुद्र से मिलने वाला सादा नमक फैक्ट्रियों में रिफाइन किया जाता है. इसको कई तरह के केमिकल डालकर तैयार किया जाता है. शास्त्रों में सादा नमक ‘संस्कारित’ भोजन की श्रेणी में रखा गया है. यानी इस नमक के सेवन से व्रत की पवित्रता कम हो सकती है.

एकादशी व्रत में सेंधा नमक बस एक विकल्प

वहीं दूसरी ओर सेंधा नमक को पूरी तरह से प्राकृतिक माना जाता है. ये पहाड़ों से सीधा मिलता है, इसलिए इसको शुद्ध माना जाता है. शास्त्रों में कहा गया है कि अगर व्रती बीमार है या नमक के सेवन जरूरी है, तो विकल्प के तौर पर सेंधा नमक का सेवन किया जा सकता है. एकादशी पर सबसे बड़ा नियम ‘अन्न’ (चावल, गेहूं, दाल) का त्याग करना है. ‘पद्म पुराण’ में कहा गया है कि इस दिन अन्न में पाप वास करता है. इसलिए नमक से ज्यादा जरूरी अन्न से बचना है.

Mor36garh

Mor36garh

Related News