उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के चतुर्थ पद में शनि ग्रह का गोचर सभी राशियों पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव डालेगा. आइए जानें कौन सी 4 राशिवालों के शनि का यह नक्षत्र पद गोचर अशुभ सिद्ध हो सकता है.
17 अप्रैल 2026 को शुक्रवार के दिन शाम के समय 04:05 बजे शनि ग्रह उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के चतुर्थ पद में गोचर कर जाएंगे और इस पद में 17 मई तक रहेंगे. शनि के इस नक्षत्र पद गोचर से 4 राशि के जातकों को बुरे समय का सामना करना पड़ सकता है. धन हानि, जातकों के लिए असफलता और तनाव का समय होगा. आइए जानें ये 4 राशियां कौन सी हैं और इन्हें क्या हानि हो सकती है.
शनि का नक्षत्र पद गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए कठिन परीक्षा वाले दिन ला सकता है. नौकरी और व्यापार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें. धन हानि की संभवना है. कर्ज का बोझ बढ़ सकता है. पारिवारिक मामलों में कलह या मतभेद मानसिक तनाव दे सकता है.
कन्या राशि के जातकों के लिए शनि का नक्षत्र पद गोचर चुनौतीपूर्ण हो सकता है. पैसों का लेन-देन से बचें और व्यापार में बड़े फैसले फिलहाल न लें. घर में विवाद बढ़ सकता है जिससे मानसिक तनाव से घिरे रह सकते हैं. आय कम हो सकती है लेकिन खर्चे बढ़ सकते हैं. धैर्य बनाएं रखें.
धनु राशि के जातकों के लिए शनि का नक्षत्र पद गोचर हानि का कारक बन सकता है. पैसों को लेकर सतर्क रहें, नुकसान के योग हैं. करियर में असफलता का सामना करना पड़ सकता है. कार्यस्थल में तनाव जैसी स्थितियां बन सकती हैं. बिजनेस में पार्टनर से धोखा मिलने के आसार हैं.
कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि का नक्षत्र पद गोचर संघर्षपूर्ण समय ला सकता है. कार्यस्थल पर मानसिक थकान बढ़ सकती है. व्यापार में धन हानि हो सकती है. सुविधाओं की कमी हो सकती है. बुरी परिस्थितियों को लेकर धैर्य बनाए रखें. छात्रों को अधिक मेहनत करनी होगी.





