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करवाचौथ पर ‘अर्नब’ का साया! जानिए बादलों के बीच CG के शहरों में कब दिखेगा चांद

खंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु का महापर्व करवाचौथ 29 अक्टूबर को पूरे श्रद्धाभाव से मनाया जाएगा।

सुहागिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर रात में चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद अपना व्रत पूर्ण करेंगी। हालांकि, इस बार चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के चलते मध्य प्रदेश/ छत्तीसगढ़ के कई संभागों में बादलों का डेरा और बारिश होने का अनुमान है, जिससे व्रतियों को चांद के दीदार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

बारिश और बादलों से बढ़ सकता है इंतजार

रीवा, शहडोल, जबलपुर और सागर संभाग में चक्रवाती असर के चलते तेज बारिश का अनुमान है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में आसमान में घने बादल छाए रह सकते हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सारणी में दिया गया समय क्षितिज पर उदित होने का है। यदि आपके क्षेत्र में ऊंची इमारतें, पहाड़ियां, कोहरा या बादल हुए तो आंखों से प्रत्यक्ष चांद देखने में तय समय से 10 से 15 मिनट का अतिरिक्त समय लग सकता है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का समय        

राजधानी रायपुर में रात 8:18 बजे चांद निकल सकता है। वहीं, जगदलपुर में रात 8:17 से 8:22 बजे के बीच चंद्रमा निकलेगा। इस बार चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से कई जगहों पर बादल छाए रहने की आशंका है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यदि करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं, तो भगवान शिव और गणेश जी के मंदिर जाकर मानसिक दर्शन कर सकते हैं।

बादल छाए रहने पर कैसे दें अर्घ्य ?

यदि चक्रवात और घने बादलों के कारण आपके शहर में चांद प्रत्यक्ष रूप से दिखाई न दे, तो परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। विज्ञान प्रसारक और पंचांगीय नियमों के अनुसार, महिलाएं अपने संबंधित जिले के तय चंद्रोदय समय के बीत जाने के बाद पूर्व-उत्तर दिशा की ओर मुख करके चंद्रमा की उपस्थिति मानकर विधि-विधान से अर्घ्य दे सकती हैं और अपना व्रत पूर्ण कर सकती हैं।

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