छत्तीसगढ़ में नर्सिंग कालेजों की मान्यता अटकने से प्रवेश प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो पाई है।
छात्रों की परेशानी देखते हुए राज्य सरकार ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल से प्रवेश की अंतिम तिथि 15 दिसंबर तक बढ़ाने की मांग की है। नर्सिंग की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों के सामने प्रवेश को लेकर असमंजस की स्थिति है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की है, लेकिन छत्तीसगढ़ में अब तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इसकी प्रमुख वजह कालेजों की मान्यता और दावा-आपत्तियों का निराकरण लंबित होना है।
नर्सिंग कालेजों में प्रवेश को लेकर विद्यार्थी भारी असमंजस में।
प्रदेश के 122 कालेजों को मान्यता, करीब 40 की अटकी।
दावा-आपत्तियों के निराकरण के बाद ही जारी होगा शेड्यूल।
प्रदेश में 150 से अधिक नर्सिंग कालेजों में करीब आठ हजार सीटें हैं। छत्तीसगढ़ नर्सिंग रजिस्ट्रार काउंसिल ने 122 कालेजों को मान्यता दी है, जबकि लगभग 35 से 40 कालेजों की मान्यता अटकी हुई है। ऐसे में विद्यार्थियों को यह भी स्पष्ट नहीं है कि किन संस्थानों में कितनी सीटों पर प्रवेश मिलेगा। दूसरी ओर, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त कार्यालय ने प्रवेश के लिए पर्याप्त समय नहीं होने का हवाला देते हुए अंतिम तिथि 15 दिसंबर तक बढ़ाने की मांग की है। अब विद्यार्थियों की नजर मान्यता प्रक्रिया पूरी होने और प्रवेश कार्यक्रम जारी होने पर है।
15 दिसंबर तक प्रवेश की समय-सीमा बढ़ाने की मांग
- चिकित्सा शिक्षा आयुक्त कार्यालय ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल को पत्र लिखकर प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 15 दिसंबर करने का आग्रह किया है। पत्र में कहा गया है कि तकनीकी कारणों से प्रदेश के शासकीय और निजी नर्सिंग महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
- ऐसे में निर्धारित समय के भीतर दाखिले पूरे करना संभव नहीं होगा। समय-सीमा बढ़ने से मान्यता संबंधी प्रक्रिया पूरी करने, प्रवेश कार्यक्रम जारी करने और विद्यार्थियों को दाखिले का अवसर देने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। अब अंतिम तिथि बढ़ाने के प्रस्ताव पर निर्णय का इंतजार है।




