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30 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में सरकार विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी,

30 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में सरकार विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी, वहीं डिप्टी सीएम अरुण साव श्रीनगर में खेल चिंतन शिविर में शामिल होंगे।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव श्रीनगर में आयोजित तीन दिवसीय खेल चिंतन शिविर में भाग लेने के लिए रायपुर से रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 30 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने जा रही है। खेल विकास, खिलाड़ियों की तरक्की और राजनीतिक मुद्दों पर उनका यह दौरा और बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं।

खेल विकास और खिलाड़ियों के भविष्य पर होगा मंथन
रवाना होने से पहले उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि श्रीनगर में आयोजित यह तीन दिवसीय चिंतन शिविर 27 तारीख तक चलेगा। इसमें केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया सहित देशभर के खेल मंत्री शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस मंच पर आने वाले समय में खेलों को लेकर क्या नई पहल की जा सकती है, इस पर विस्तृत चर्चा होगी। खिलाड़ियों की तरक्की, उनकी सुविधाओं और खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए ठोस योजनाएं तैयार की जाएंगी।

बीजेपी लाएगी निंदा प्रस्ताव, निकायों तक पहुंचेगा मुद्दा
राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए अरुण साव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नगरीय निकायों और पंचायतों में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी। उन्होंने कहा कि आधी आबादी यानी महिलाओं के साथ जो अन्याय हुआ है, उसे जनता के सामने लाने का काम किया जाएगा। यह प्रस्ताव सिर्फ विधानसभा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि स्थानीय निकाय स्तर तक भी पहुंचेगा।

विशेष सत्र में विपक्ष को घेरने की तैयारी
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 30 अप्रैल को विधानसभा में विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिला आरक्षण का विरोध किया है और महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इस सत्र में विपक्षी नेताओं की भूमिका को उजागर किया जाएगा।

नगरीय प्रशासन पर फोकस, बरसात से पहले तैयारी तेज
नगरीय प्रशासन मंत्री के रूप में अरुण साव ने बताया कि विभाग द्वारा निकायों की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पहले से तैयारी की जा रही है। विशेष रूप से बरसात से पहले साफ-सफाई और जलभराव रोकने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 31 मई तक नाला-नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

ड्रेनेज सफाई और अतिक्रमण हटाने के निर्देश
उन्होंने आगे बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम द्वारा निकायों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही नाले-नालियों से अतिक्रमण हटाने और नदियों व अन्य जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। विभागीय स्तर पर इसकी लगातार निगरानी की जाएगी ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो।

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