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आज है स्कंद षष्ठी, भगवान कार्तिकेय की आरती करने से मिलेगा पुण्यफल

आज 22 अप्रैल को स्कंद षष्ठी मनाई जा रही है. जानें भगवान कार्तिकेय की पूजा विधि, व्रत का महत्व और आरती से मिलने वाले पुण्यफल व सुख-समृद्धि के लाभ.

आज 22 अप्रैल को स्कंद षष्ठी का पावन पर्व मनाया जा रहा है, जो भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय को समर्पित है. इस दिन भक्त श्रद्धा भाव से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं. मान्यता है कि स्कंद षष्ठी का व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है. विशेष रूप से भगवान कार्तिकेय की आरती करने से पुण्यफल मिलता है और नकारात्मकता दूर होती है. यह दिन साहस, शक्ति और विजय का प्रतीक भी माना जाता है, इसलिए भक्त पूरे मन से भगवान की उपासना करते हैं.

भगवान कार्तिकेय की आरती

जय जय आरती
जय जय आरती वेणु गोपाला
वेणु गोपाला वेणु लोला
पाप विदुरा नवनीत चोरा

जय जय आरती वेंकटरमणा
वेंकटरमणा संकटहरणा
सीता राम राधे श्याम

जय जय आरती गौरी मनोहर
गौरी मनोहर भवानी शंकर
साम्ब सदाशिव उमा महेश्वर

जय जय आरती राज राजेश्वरि
राज राजेश्वरि त्रिपुरसुन्दरि
महा सरस्वती महा लक्ष्मी
महा काली महा लक्ष्मी

जय जय आरती आन्जनेय
आन्जनेय हनुमन्ता

जय जय आरति दत्तात्रेय
दत्तात्रेय त्रिमुर्ति अवतार

जय जय आरती सिद्धि विनायक
सिद्धि विनायक श्री गणेश

जय जय आरती सुब्रह्मण्य
सुब्रह्मण्य कार्तिकेय।

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