पूर्ववर्ती सरकारों में हुए घोटाले की भी होगी जांच, छत्तीसगढ़ के लुटेरों को दिलाएंगे सजा -विष्णुदेव साय
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्ववर्ती शासनकाल में हुए सभी घोटालों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी पद पर क्यों न हों। राज्य सरकार डीएमएफ घोटाला, महादेव आनलाइन सट्टा एप प्रकरण, तेंदूपत्ता वितरण, सीजीएमएससी और अन्य मामलों की भी गहन जांच करा रही है। हाल के दो वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई की है। राज्य सरकार नीतियों और परिणामों से लोगों का विश्वास अर्जित कर रही है। अब राज्य में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। हमारा लक्ष्य पारदर्शी, उत्तरदायी और ईमानदार शासन है।
मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि यह सरकार न तो भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करेगी, न दोषियों को छोड़ेगी। अब प्रदेश में ईमानदारी ही नई पहचान बनेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य सिर्फ प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्ठा के बल पर सुशासन का एक नया मानक स्थापित करना है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के समूल उन्मूलन के साथ सुशासन की दिशा में अग्रसर है। शासन की प्राथमिकता पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित में निष्ठावान प्रशासन है। इसी क्रम में जेम पोर्टल से सरकारी खरीद को अनिवार्य किया गया है। ई-आफिस प्रणाली लागू की गई है और 350 से अधिक सुधारों के माध्यम से निवेश की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की शुरुआत के साथ अब एनओसी की प्रक्रिया सरल, तेज और तकनीक सक्षम हो चुकी है। इससे उद्यमियों और निवेशकों को सीधा लाभ मिला है।